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  • India EU Trade Deal: चीन उठा सकता है फायदा… भारत और ईयू के बीच ट्रेड डील से पहले BMW की कैसी चेतावनी?

    नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच जल्द ही ट्रेड डील हो सकती है। दोनों देश लंबे समय से अटके व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी में हैं। लेकिन इस बीच देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में चिंताएं बढ़ रही हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक बीएमडब्ल्यू (BMW) जैसी बड़ी कार कंपनियों


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    By Azad Hind Desk जनवरी 13, 2026
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    नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच जल्द ही ट्रेड डील हो सकती है। दोनों देश लंबे समय से अटके व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी में हैं। लेकिन इस बीच देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में चिंताएं बढ़ रही हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक बीएमडब्ल्यू (BMW) जैसी बड़ी कार कंपनियों ने चेतावनी दी है कि चीनी कार निर्माता इस समझौते का फायदा उठाकर भारतीय बाजार में घुसपैठ कर सकते हैं। इससे उनके मौजूदा निवेशों को नुकसान पहुंच सकता है। बीएमडब्ल्यू ने सरकार से आग्रह किया है कि इस समझौते पर साइन करने से पहले इसमें सुरक्षा उपाय शामिल किए जाएं।

    यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भारत-ईयू व्यापार समझौते पर बातचीत अपने अंतिम चरण में है। कारों के बाजार तक पहुंच इस समझौते का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक तरफ जहां इस समझौते से टैरिफ कम होने और व्यापार बढ़ने की उम्मीद है, तो वहीं उद्योग जगत के नेताओं को डर है कि यह यूरोप के बाहर की कंपनियों के लिए एक लूपहोल यानी कमजोरी खोल सकता है।
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    क्या है इंडस्ट्री की चिंता?

    • बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और सीईओ हरदीप सिंह बरार ने बताया कि समझौते के तहत कम कीमत वाली कारें भारत में आ सकती हैं।
    • उन्होंने कहा कि इससे उन निर्माताओं को नुकसान होगा जिन्होंने पहले ही भारत में भारी निवेश किया है।
    • बरार का तर्क है कि कई विदेशी बाजारों में प्रोडक्शन लागत भारत की तुलना में बहुत ज्यादा है। ऐसे में अगर छोटी और सस्ती गाड़ियां बिना किसी रोक-टोक के भारत में आती हैं, तो सीधी कीमत की प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।

    दे दिया यह सुझाव

    • इस समस्या से निपटने के लिए बीएमडब्ल्यू ने सुझाव दिया है कि व्यापार समझौते के तहत केवल एक निश्चित कीमत से ऊपर की गाड़ियों को ही लाभ मिलना चाहिए।
    • बरार ने कहा कि यह कीमत 20,000 यूरो (करीब 21 लाख रुपये) से 30,000 यूरो (करीब 32 लाख रुपये) के बीच रखी जा सकती है।
    • उनका मानना है कि ऐसा करने से लग्जरी सेगमेंट के खरीदारों को फायदा होगा, लेकिन आम बाजार पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही घरेलू उत्पादन को नुकसान होगा।

    घरेलू कंपनियों की भी अपील

    ऑटो सेक्टर में यह चिंता सिर्फ बीएमडब्ल्यू की ही नहीं, बल्कि कई अन्य कंपनियों की भी है। भारत की घरेलू कार निर्माता कंपनियों ने भी सरकार से इस व्यापार समझौते में मजबूत सुरक्षा उपाय शामिल करने की अपील की है। उनका कहना है कि चीनी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माता एक बैकडोर से भारत में प्रवेश कर सकते हैं। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने समझौते में ऊंची कीमत की सीमाएं, सीमित आयात कोटा और कड़े वैल्यू-एडिशन नॉर्म्स को शामिल करने की मांग की है।

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