फिल्म ‘बॉर्डर’ जेपी दत्ता ने बनाई थी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की वास्तविक घटनाओं पर आधारित थी। इस फिल्म में शेट्टी ने कैप्टन भैरो सिंह की भूमिका निभाई थी। सिंह भारतीय सेना में अधिकारी थे और वो युद्ध में शहीद हो गए थे। वहीं इस फिल्म में अक्षय खन्ना ने 2nd लेफ्टिनेंट धरमवीर सिंह भान का किरदार निभाया था, जो लोंगेवाला की लड़ाई के दौरान एक युवा भारतीय सेना अधिकारी थे। फिल्म में उनके इस किरदार को मरते हुए दिखाया गया था। इस आधार पर कहा जा रहा है कि फिल्म में इन दोनों किरदारों का होना संभव नहीं था। हालांकि, ये संभव हो सकता था, अगर ‘धुरंधर’ एक साल पहले रिलीज होती। आइए बताते हैं ये कैसे हो सकता था संभव।
‘बॉर्डर 2’ नहीं है ‘बॉर्डर’ का सीक्वल
जी हां, अब बात करते हैं उन तथ्यों की जिनके आधार पर फिल्म में इन किरदारों को लिया जा सकता था। बताया जा रहा है कि अनुराग सिंह निर्देशित ‘बॉर्डर 2’ की कहानी ‘बॉर्डर’ का सीक्वल नहीं है बल्कि उस दौरान की अनसुनी कहानियों पर बेस्ड फिल्म है जब भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के तीनों अंगों ने मिलकर काम किया था। ऐसे में पुरानी फिल्म यानी ‘बॉर्डर’ के कलाकारों को वापस रखा जा सकता था।
जब सनी देओल का किरदार बदल गया तो अक्षय खन्ना की भी वापसी थी संभव
‘बॉर्डर’ की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लोंगेवाला की सच्ची लड़ाई पर घटी कहानी थी जिसमें सिर्फ 120 भारतीय जवानों की टुकड़ी ने पाकिस्तान की बड़ी टैंक रेजिमेंट का बहादुरी से सामना किया था और रात भर लड़ाई लड़ी थी। वे भारतीय वायु सेना के आने तक डटे रहे थे और युद्ध के मैदान में जीत हासिल की थी। फिल्म में सनी देओल ने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी की भूमिका निभाई है। वहीं अब ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल लेफ्टिनेंट कर्नल फतेह सिंह की भूमिका में दिखने जा रहे हैं। अगर उनके किरदार का नाम बदला जा सकता है तो फिल्म में अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी को भी अलग किरदारों के साथ वापस लिया जा सकता था।
अक्षय खन्ना के किरदार की मौत क्यों?
अगर फिल्म ‘बॉर्डर’ की बात करें तो इसमें अक्षय खन्ना ने लेफ्टिनेंट धरमवीर सिंह भान का किरदार निभाया था। बता दें कि 1971 में लोंगेवाला की लड़ाई के दौरान एक युवा भारतीय सेना अधिकारी के तौर पर भारत पाकिस्तान के बीच छिड़ी जंग में कर्नल धर्मवीर सिंह की छोटी सी टुकड़ी को लीड कर रहे थे उसने पाकिस्तानी सेना के छक्के छुड़ा दिए थे 1971 में पाकिस्तानी सेना ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर हमला बोला था और धरमवीर सिंह भान के नेतृत्व में सेना ने पाकिस्तानी सेना के पूरे लाव लश्कर को नेस्तनाबूद कर दिया था। असल जिंदगी में उनकी मौत साल 2022 में हुई थी। अब अगर किसी रियल लाइफ से जुड़ी कहानी में जिंदा किरदार का अंत दिखाया जा सकता है तो यकीनन एक ऐसी फिल्म में उस किरदार को वापस भी लाया जा सकता है जो पुरानी फिल्म की सीक्वल नहीं हो।
‘गदर 2’ के साथ ‘धुरंधर’ आती तो ‘बॉर्डर 2’ में होते अक्षय
अब इस फिल्म में अक्षय खन्ना को न लेने के लिए जो ये दलील दे रहे हैं कि उनके किरदार की मौत हो गई थी, वो ध्यान से पढ़ें। सच ये है कि उनका किरदार यकीनन जिंदा होता अगर उनकी फिल्म ‘धुरंधर’ 2024 में रिलीज हो जाती। अब मुद्दे पर आते हैं। दरअसल जेपी दत्ता ने साल 2015 में ही सनी देओल को सीक्वल का ऑफर दे दिया था। लेकिन इसके बाद उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं और हालात देखकर यह प्रोजेक्ट रोक दिया गया था। अब जब साल 2023 में ‘गदर 2’ रिलीज हुई और सनी देओल का कमबैक उसी अंदाज में हुआ जिसकी लंबे समय से उम्मीद थी तो मेकर्स की उम्मीदें फिर से जागी। उनकी इस सफलता को भुनाने के लिए ‘बॉर्डर 2’ की कहानी भी तैयार हुई और मेकर्स ने उनके साथ नए खेमे के कलाकारों का साथ लिया। मेकर्स को तब तक ये एहसास भी नहीं था कि ‘धुरंधर’ के रूप में अक्षय खन्ना कौन सा तूफान लाने वाले हैं। अगर ये फिल्म ‘गदर 2’ के दौरान रिलीज हुई होती तो यकीनन उनके लिए भी किरदार गढ़े जाते और कहानी में सबकुछ फिट किया जाता। लेकिन अफसोस, जहां ‘धुरंधर’ के मेकर्स ने उन-उन कलाकारों को जमीन से उठाकर झाड़-पोंछकर अपनी इस फिल्म के लिए तैयार किया जो बरसों से कहीं गुम थे, वहीं ‘बॉर्डर 2’ ने अपनी ही फिल्म के उम्दा कलाकारों को जमीन के अंदर दफना दिया।
कब रिलीज हो रही ‘बॉर्डर 2’
फिल्म ‘बॉर्डर 2’ गणतंत्र दिवस के मौके पर 23 जनवरी, 2026 को रिलीज हो रही है। इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे कलाकार हैं। बता दें कि ट्रेलर और गाने की रिलीज के साथ ही फिल्म को लेकर लोगों के मिक्स्ड रिएक्शन सामने आ रहे हैं।














