1. लॉकहीड मार्टिन F-22 रैप्टर: 143 मिलियन डॉलर
F-22 रैप्टर प्रति यूनिट के हिसाब से अब तक बनाया गया सबसे महंगा ऑपरेशनल फाइटर जेट है। इसे एक एयर सुपीरियरिटी लड़ाकू विमान के तौर पर डिजाइन किया गया है। यह लड़ाकू विमान स्टील्थ टेक्नोलॉजीऔर सुपरक्रूज क्षमता से लैस है। इतना ही नहीं, F-22 अत्यधिक मैन्यूवरेबिलिटी वाला लड़ाकू विमान है जो सेंसर फ्यूजन को इस तरह से जोड़ता है कि कोई दूसरा फाइटर जेट उसकी बराबरी नहीं कर पाता।
2. डसॉल्ट राफेल: 125 मिलियन डॉलर
राफेल लड़ाकू विमान को फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने विकसित किया है। यह एक एडवांस मल्टीरोल फाइटर जेट है। यह लड़ाकू विमान एयर सुपीरियरिटी, डीप स्ट्राइक, टोही और परमाणु निवारक मिशन को अंजाम देने में सक्षम है। इसमें व्यापक एवियोनिक्स इंटीग्रेशन, एडवांस्ड रडार सिस्टम और उच्च स्तर के सेंसर फ्यूजन है। राफेल का इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट बाकी सभी लड़ाकू विमानों की अपेक्षा ज्यादा शक्तिशाली है।
3. यूरोफाइटर टाइफून: 117 मिलियन डॉलर
यूरोफाइटर टाइफून को कई यूरोपीय देशों ने मिलकर विकसित किया है। यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में से एक है। यूरोफाइटर टाइफून को शुरू में इसे एयर सुपीरियरिटी फाइटर के तौर पर डिजाइन किया गया था, लेकिन बाद में इसे बहुत ही सक्षम मल्टीरोल फाइटर जेट के रूप में विकसित किया गया । इसकी कीमत एडवांस्ड एयरोडायनामिक्स, शक्तिशाली ट्विन इंजन, और परिष्कृत रडार और डिफेंसिव सिस्टम के कारण ज्यादा है। यह दुनिया के सबसे तेज और सबसे फुर्तीले लड़ाकू विमानों में भी शामिल है।
4. चेंगदू J-20: 110 मिलियन डॉलर
चीन का चेंगदू J-20 पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट है। यह लड़ाकू विमान स्टील्थ तकनीक से लैस है। J-20 विमान लंबी दूरी के इंटरसेप्शन, सेंसर फ्यूजन, और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध जैसे मिशन को अंजाम दे सकता है। इसकी लागत एडवांस्ड मटीरियल, रडार-एब्जॉर्बेंट कोटिंग्स, और स्वदेशी एवियोनिक्स डेवलपमेंट के कारण अधिक है। हालांकि, चीन ने इस लड़ाकू विमान को अभी तक किसी दूसरे देश को बेचा नहीं है।
5. लॉकहीड मार्टिन F-35 लाइटनिंग II: 109 मिलियन डॉलर
F-35 लाइटनिंग II इतिहास के सबसे महत्वाकांक्षी सैन्य विमानन कार्यक्रमों में से एक है। इसे अमेरिकी वायु सेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स के लिए एक मल्टीरोल स्टील्थ फाइटर जेट के रूप में विकसित किया गया है। यह लड़ाकू विमान एडवांस्ड सेंसर, डेटा फ्यूजन और स्टील्थ क्षमता से लैस है। इसकी लागत इसकी स्टेट ऑफ ऑर्ट तकनीक के कारण इतनी अधिक है। शुरूआत में F-35 दुनिया का सबसे महंगा लड़ाकू विमान था, लेकिन बाद के वेरिएंट के विकास से इसकी कीमत कम हुई है।
6. बोइंग F-15EX ईगल II: 97 मिलियन डॉलर
F-15EX ईगल II अपने पुराने वेरिएंट का अपग्रेडेड वर्जन है। हालांकि, यह लड़ाकू विमान स्टील्थ नहीं है, लेकिन इसकी कीमत इसकी जबरदस्त पेलोड क्षमता, शक्तिशाली रडार सिस्टम और लंबी दूरी की परफॉर्मेंस के कारण है। बोइंग F-15EX को हाइपरसोनिक मिसाइलों सहित एडवांस्ड हथियारों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया। इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, डिजिटल बैकबोन और स्ट्रक्चरल मजबूती पिछले F-15 वेरिएंट की तुलना में काफी अडवांस है।
7. सुखोई Su-35: 85 मिलियन डॉलर
सुखोई Su-35 अब तक बनाए गए सबसे एडवांस्ड नॉन-स्टील्थ फाइटर में से एक है। इसमें थ्रस्ट-वेक्टरिंग इंजन, जबरदस्त मैन्यूवरेबिलिटी और लंबी दूरी की लड़ाई के लिए डिजाइन किया गया एक शक्तिशाली रडार सिस्टम है। इसकी कीमत पिछले Su-27 वेरिएंट की तुलना में काफी ज्यादा है, जिसका प्रमुख कारण अपग्रेडेड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल है। इसमें नया एवियोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम लगा हुआ है। हालांकि यह पांचवीं पीढ़ी का विमान नहीं है।
8. साब JAS 39E/F ग्रिपेन: 85 मिलियन डॉलर
साब JAS 39E/F ग्रिपेन दुनिया का आठवां सबसे महंगा लड़ाकू विमान है। इसकी महंगे होने का प्रमुख कारण एडवांस्ड एवियोनिक्स, एक नए इंजन, बेहतर रडार और बढ़े हुए हथियारों का इंटीग्रेशन है। यह विमान कम लॉजिस्टिकल फुटप्रिंट के साथ ज्यादा खतरे वाले माहौल में काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे बनाने वाली कंपनी साब अपने ग्राहकों को कस्टमाइजेशन का विकल्प भी देती है, जिससे यह एक कॉम्पैक्ट, अत्यधिक अनुकूलनीय प्लेटफॉर्म में बदल जाता है।
9. बोइंग E/A-18G ग्राउलर: 80 मिलियन डॉलर
E/A-18G ग्राउलर पुराने F/A-18 लड़ाकू विमान का एक खास इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर वेरिएंट है। इस लड़ाकू विमान में दुश्मन के एयर डिफेंस को जाम करने, धोखा देने की क्षमता है। पारंपरिक फाइटर जेट्स के उलट, इस लड़ाकू विमान का मुख्य हथियार इलेक्ट्रोमैग्नेटिक डोमिनेंस है। एडवांस्ड सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक अटैक पॉड्स और मिशन-स्पेसिफिक एवियोनिक्स के कारण इसकी कीमत ज्यादा है।
10. शेनयांग FC-31: 70 मिलियन डॉलर
शेनयांग FC-31 चीन का दूसरा स्टील्थ फाइटर जेट है। हालांकि, यह अभी विकास की अवस्था में है। चीन ने इसे खासतौर पर एक्सपोर्ट के लिए डिजाइन किया है। इसकी प्रमुख विशेषताओं में स्टील्थ क्षमता इंटरनल वेपन्स बे और मॉडर्न एवियोनिक्स शामिल हैं।













