पाकिस्तान में ग्राउंड ऑपरेशन को लेकर क्या बोले आर्मी चीफ
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय आर्म्ड फोर्सेज ने पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया। यह ऑपरेशन 7 मई को शुरू हुआ और 10 मई तक चला। आर्मी चीफ ने कहा कि करीब 88 घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान सेना ने दुश्मन के ठिकानों पर सटीक वार किए और उनकी आतंकी गतिविधियों को ध्वस्त कर दिया। यही नहीं भारतीय सेना जमीनी आक्रमण के लिए पाकिस्तान के अंदर घुसने को भी तैयार थी।
‘बस एक गलती और पाकिस्तान पर हमले के लिए तैयार थी सेना’
जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने के लिए सेना ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने कहा कि उस समय हम बस ये इंतजार कर रहे थे कि पाकिस्तान अगर कोई भी गलती करता है तो हम तुरंत जमीनी कार्रवाई शुरू कर देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन में तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। यह सब एक स्पष्ट राजनीतिक निर्देश और एक्शन की पूरी आजादी से हो सका।
’88 घंटे तक चला ऑपरेशन, तबाह हुआ आतंकी ढांचा’
सेना प्रमुख ने बताया कि 88 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान सैन्य बलों ने दुश्मन के ठिकानों पर ऐसे वार किए कि उनका आतंकी ढांचा पूरी तरह से तबाह हो गया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने मिसाइल और ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था। इसके जवाब में, भारत ने पाकिस्तान के एयरफील्ड्स पर भी हमला किया था। इसके बाद 10 मई को सीजफायर का ऐलान हुआ।
जम्मू-कश्मीर में अब कैसे हैं हालात, आर्मी चीफ ने बताया
जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुश्मन के रणनीतिक अनुमानों को बदल दिया। हमने दुश्मन के ठिकानों पर गहराई तक वार किया। उनके आतंकी ढांचा को नष्ट किया और उनके परमाणु हथियारों को लेकर की जाने वाली बयानबाजी को भी शांत किया। उन्होंने यह भी बताया कि युद्धविराम की घोषणा के बाद से, पश्चिमी सीमा और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह से नियंत्रण में है।
2025 में मारे गए 31 आतंकी : सेना प्रमुख
आर्मी चीफ ने कहा कि 2025 में 31 आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें से 65 फीसदी पाकिस्तानी मूल के थे। पहलगाम हमले के तीन दोषियों को भी ‘ऑपरेशन महादेव’ में मार गिराया गया था। सेना प्रमुख ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय आतंकियों की संख्या अब बहुत कम हो गई है, जो सिंगल डिजिट में है। आतंकी भर्ती भी लगभग बंद हो गई है, 2025 में केवल दो लोगों की भर्ती हुई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं।
परमाणु हथियारों की चर्चा पर ये बोले आर्मी चीफ
जनरल द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान से संघर्ष में परमाणु हथियारों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि जहां तक परमाणु बयानबाजी का सवाल है, मैं यह कहना चाहूंगा कि डीजीएमओ वार्ता में परमाणु को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी। उन्होंने सभी हितधारकों, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) भी शामिल हैं, की सक्रिय भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने में राष्ट्रीय स्तर पर सभी का सहयोग मिला।
ऑपरेशन सिंदूर में तीनों सेनाओं का दिखा संयुक्त एक्शन
सेना प्रमुख ने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में ‘ट्राइ-सर्विस सिनर्जी’ यानी तीनों सेनाओं का संयुक्त प्रयास एक बेहतरीन उदाहरण है। इसका मतलब है कि थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने मिलकर काम किया, जिससे ऑपरेशन को और भी प्रभावी बनाया जा सका। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को बहुत ही सटीकता से योजनाबद्ध और क्रियान्वित किया गया था। यह ऑपरेशन दुश्मन के लिए एक बड़ा झटका था, जिसने उनकी आतंकी गतिविधियों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।












