‘फ्यूचर प्लानिंग’ का हिस्सा, लेकिन विकसित कैसे होंगे रेड्डी?
आकाश ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वडोदरा में पहले वनडे मैच की टीम का जिक्र किया और कहा कि तीन स्पेशलिस्ट फास्ट बॉलर मैच में उतारे, लेकिन रेड्डी फिर भी प्लेइंग-11 से बाहर रह गए। यह महज एक सलेक्शन कॉल नहीं है बल्कि ये किसी खिलाड़ी को टीम में ‘बैलेंस’ बनाने और ‘फ्यूचर प्लानिंग’ के नाम पर लेने के तर्क के बारे में है। आप उन्हें वो गेम टाइम ही नहीं दे रहे हो, जिसकी उन्हें इस भूमिका (ऑलराउंडर) के तौर पर विकसित होने के लिए जरूरत है।
‘क्या किया है रेड्डी ने, जो उन्हें चुना गया है?’
आकाश ने नीतीश के सलेक्शन पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा,’क्या सलेक्टर्स और कोचिंग स्टाफ आपस में एकमत नहीं हैं? मैं अब तक नहीं समझ पाया हूं कि नीतीश कुमार रेड्डी ने ऐसा क्या किया है, जिसके लिए उन्हें टीम में चुना गया है।’ आकाश चोपड़ा ने आगे कहा,’जब भी किसी फॉर्मेट की टीम चुनी जाती है, आप उनका नाम उसमें पाएंगे। हर बार कहा जाता है कि हमें एक ऑलराउंडर की जरूरत है। ऑलराउंडर के तौर पर न तो नीतीश पर पूरे बैटिंग रोल के लिए भरोसा किया गया और ना ही उनका इस्तेमाल चौथे बॉलिंग ऑप्शन के तौर पर किया गया है।’
आकाश ने गिनाए नीतीश को नहीं उतारने के कई मौके
आकाश चोपड़ा ने टेस्ट मैचों से वनडे तक के कई मौके भी गिनाए, जिनमें नीतीश का इस्तेमाल हो सकता था, लेकिन उन्हें नहीं खेलाया गया। उन्होंने कहा,’अहमदाबाद में हमने उन्हें टीम में लिया, लेकिन बैटिंग भी नहीं कराई और केवल 5-6 ओवर गेंदबाजी कराई। दिल्ली में भी यही हुआ। हम 200 ओवर में भी उनसे 1 ओवर बॉलिंग नहीं कराते हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में ओस बहुत थी, वहां स्पिनरों को बहुत ज्यादा मदद नहीं मिल रही थी। लेकिन वहां भी नीतीश कुमार रेड्डी को नहीं खेलाया गया। जब हम वडोदरा पहुंचे तो यहां भी वही कहानी दोहराई गई। नीतीश कुमार रेड्डी नहीं उतारे गए।’














