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  • अबू धाबी में भारत के हाथ लगा बड़ा खजाना, सरकारी कंपनियों को जमीन में मिला काला सोना

    नई दिल्ली: अबू धाबी में भारत की सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के हाथ खजाना लगा है। इन कंपनियों ने अबू धाबी में एक जमीनी तेल ब्लॉक में नए तेल भंडार मिलने की घोषणा की है। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे


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    By Azad Hind Desk जनवरी 14, 2026
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    नई दिल्ली: अबू धाबी में भारत की सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के हाथ खजाना लगा है। इन कंपनियों ने अबू धाबी में एक जमीनी तेल ब्लॉक में नए तेल भंडार मिलने की घोषणा की है। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और विदेश में तेल उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

    यह तेल भंडार यूर्जा भारत प्राइवेट लिमिटेड (UBPL) नाम की एक कंपनी को मिला है। UBPL, IOC और BPCL की एक्सप्लोरेशन व प्रोडक्शन कंपनी भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड (BPRL) का 50-50 का जॉइंट वेंचर है। आईओसी के अनुसार यूबीपीएल को साल 2024 की शुरुआत में पहले तेल भंडार मिलने के बाद अब एक दूसरे खोजपूर्ण कुएं में भी तेल मिला है। UBPL को सबसे पहले इसी साल की शुरुआत में XN-76 नामक खोजपूर्ण कुएं में तेल मिला था। अब जो नया तेल भंडार मिला है, वह उसी इलाके में एक और खोजपूर्ण कुएं (XN-79 02S) की खुदाई और परीक्षण के दौरान मिला है।
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    मार्च 2019 में मिला था अधिकार

    जॉइंट वेंचर UBPL को मार्च 2019 में अबू धाबी में ऑनशोर ब्लॉक 1 का एक्सप्लोरेशन यानी खोज करने का अधिकार मिला था। यह ब्लॉक करीब 6,162 वर्ग किलोमीटर का है और UBPL के पास इसके 100 प्रतिशत अधिकार हैं। इस खोज के शुरुआती चरण में कंपनियों ने लगभग 166 मिलियन डॉलर का निवेश किया है और यह चरण अब पूरा हो गया है।

    आईओसी ने बताया कि पहला तेल भंडार शिलाइफ (Shilaif) नामक क्षेत्र में XN-76 कुएं में मिला था। इस कुएं में सफलतापूर्वक हाइड्रो-फ्रैक्चरिंग (पानी और रसायनों के जरिए चट्टानों को तोड़कर तेल निकालना) का काम करने के बाद शिलाइफ परत से तेल सतह पर आया। इससे यह पक्का हो गया कि इस ब्लॉक में गैर-पारंपरिक तेल के भंडार मौजूद हैं।

    यहां मिला दूसरा भंडार

    दूसरा तेल भंडार XN-79 02S खोजपूर्ण कुएं के परीक्षण के दौरान मिला है। इस कुएं से हबशान (Habshan) नामक जलाशय से कच्चा तेल निकला है। यह इस ब्लॉक के हबशान जलाशय में मिला पहला तेल भंडार है। अब इन दोनों तेल भंडारों का मूल्यांकन किया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये व्यावसायिक रूप से कितने फायदेमंद हैं और इन्हें विकसित किया जा सकता है या नहीं।

    भारत को क्या होगा फायदा?

    कंपनियों का कहना है कि ये दोनों तेल भंडार IOC और BPCL के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं, क्योंकि वे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल उत्पादन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इन खोजों से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लंबे समय तक मजबूती मिलेगी। उत्पादन रियायत समझौते (production concession agreement) के तहत UBPL के पास इस ब्लॉक से निकलने वाले तेल के अधिकार हैं। कंपनियों का कहना है कि इससे भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को और बढ़ावा मिलेगा।

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