एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद जब पता चला कि पाकिस्तान ने 100 बार से ज्यादा भारत से बचाने की गुहार लगाई थी, उसके बाद फजीहत से बचने के लिए पाकिस्तानी नेता लड़ाकू विमान बेचने को लेकर फर्जी खबर फैला रहे हैं। शहबाज शरीफ ने कहा है कि “पाकिस्तान के फाइटर जेट्स की ग्लोबल डिमांड बढ़ी है और कई देश बहुत दिलचस्पी के साथ पाकिस्तान के साथ बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि “आगे के डेवलपमेंट से रक्षा क्षमताएं मजबूत होंगी और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।”
टुकड़े होकर भी जीत के दावे करेगा पाकिस्तान
शहबाज शरीफ ने बुधवार को एक संघीय कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए कि “पाकिस्तान एयर फोर्स ने तैमूर सिस्टम को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है, जबकि पाकिस्तान नेवी ने LY-80 सिस्टम का सफल परीक्षण किया।” उन्होंने इन उपलब्धियों में शामिल सभी कर्मियों को बधाई दी। इसके बाद शहबाज शरीफ ने पिछले साल मई में भारत के खिलाफ जीत का दावा कर दिया। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान ने अपनी सैन्य सफलताओं के बाद से उल्लेखनीय प्रगति की है।” उन्होंने कहा, “जब से हमारी सेनाओं ने पिछले साल सफलता हासिल की है, हमारे फाइटर जेट्स की ग्लोबल डिमांड काफी बढ़ गई है। कई देश इस मोर्चे पर पाकिस्तान के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं, जिससे हमारा रक्षा उत्पादन मज़बूत होगा और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।”
पाकिस्तान ने दावा किया है कि वो सऊदी अरब, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, सूडान और लीबिया जैसे देशों को JF-17 लड़ाकू विमान बेच रहा है। जबकि इन देशों में लीबिया के अलावा किसी और देश ने पाकिस्तान के दावों की पुष्टि नहीं की है। एक इंटरनेशनल समाचार एजेंसी का पाकिस्तानी पत्रकार हर दिन पाकिस्तान के गुमनाम सुरक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए JF-17 को लेकर रिपोर्ट्स पब्लिश कर रहे हैं। लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने इसका खुलासा किया और उस इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी को घेरना शुरू किया, फौरन नये दावे होने बंद हो गये हैं। कुछ जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का दावा है कि चीन के इशारे पर इस तरह का कैम्पेन चलाया जा रहा है, ताकि चीनी लड़ाकू विमान की बिक्री बढ़ाई जा सके। JF-17 लड़ाकू विमान में 65 प्रतिशत चीन का शेयर है, जबकि पाकिस्तान का शेयर सिर्फ 35 प्रतिशत है।














