• Entertainment
  • ‘जन नायकन’ रिलीज: सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, याचिका खारिज, अब थलपति विजय को मद्रास HC का ही सहारा

    थलपित विजय और उनकी फिल्‍म ‘जन नायकन’ के मेकर्स को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। गुरुवार को देश की सर्वोच्‍च अदालत ने फिल्‍म की रिलीज को लेकर मची रार में हस्‍तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदलात ने फिल्‍म के प्रोड्यूसर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 15, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    थलपित विजय और उनकी फिल्‍म ‘जन नायकन’ के मेकर्स को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। गुरुवार को देश की सर्वोच्‍च अदालत ने फिल्‍म की रिलीज को लेकर मची रार में हस्‍तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदलात ने फिल्‍म के प्रोड्यूसर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से क्लीयरेंस की मांग की गई थी। अब ‘जन नायकन’ की रिलीज पर फैसला मद्रास हाई कोर्ट की डिविजन बेंच को लेना है, जहां 20 जनवरी को सुनवाई है।

    सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने मेकर्स की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के पास है, जहां 20 जनवरी को इस मामले की सुनवाई होने वाली है, आप चाहें तो डिवीजन बेंच से उसी दिन फैसला लेने की कोशिश कर सकते हैं।

    प्रोड्यूसर्स की ओर से मुकुल रोहतगी ने दी दलील

    जानकारी के लिए बता दें कि यह याचिका फिल्म के प्रोड्यूसर, KVN प्रोडक्शंस LLP ने मद्रास हाई कोर्ट डिवीजन बेंच के उस आदेश के खिलाफ दायर की थी, जिसमें सिंगल बेंच के CBFC को फिल्म को तुरंत सर्टिफाई करने के निर्देश पर अंतरिम रोक लगाई गई थी। KVN की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि सेंसर बोर्ड क्लीयरेंस से पहले रिलीज डेट की घोषणा करना इंडस्ट्री की पुरानी प्रथा है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए 5000 से ज्यादा थिएटर बुक किए गए थे।

    जस्टिस दत्ता ने सिंगल बेंच के फैसले पर की तल्‍ख टिप्‍पणी

    मुकुल रोहतगी की दलील पर जस्टिस दत्ता ने हाई कोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा एक ही दिन में मामले का निपटारा करने पर टिप्‍पणी की। उन्‍होंने कहा, ‘हम सभी जजों का स्वागत करेंगे कि वे मामले दायर होने के एक या दो दिन के भीतर ही उनका निपटारा करें। लेकिन ऐसा सभी मामलों में होना चाहिए। यह बहुत तेज गति है… मामला 6 तारीख को दायर हुआ, 7 तारीख को फैसला हो गया… जब मामला 20 तारीख को डिवीजन बेंच के सामने तय है, तो उनके पास अपील का अधिकार है….’

    रिट याचिका को लेकर कोर्ट में दलील

    जस्टिस दत्ता ने यह भी कहा कि CBFC चेयरपर्सन ने 6 जनवरी के आदेश जारी कर फिल्‍म को रिवाइजिंग कमेटी के लिए भेजा। इसको चुनौती नहीं दी गई थी। जब डिवीजन बेंच ने मामला 20 जनवरी के लिए लिस्ट किया है, तो इस समय सुप्रीम कोर्ट के दखल की कोई जरूरत नहीं है। इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि CBFC से 5 जनवरी को कम्युनिकेशन मिला, जिसमें कहा गया था कि फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी को भेजा गया है, उसे चुनौती दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह कम्युनिकेशन चेयरपर्सन के 6 जनवरी के आदेश जैसा ही था। उन्होंने कहा कि 5 जनवरी के आदेश को चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर की गई थी, और चुनौती लंबित रहने के दौरान, 6 जनवरी का आदेश अपलोड कर दिया गया। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि 6 जनवरी के आदेश को चुनौती देने के लिए रिट याचिका में संशोधन किया जाना चाहिए था।

    वकील रोहतगी बोले- CBFC की पूरी कार्रवाई ‘बदनीयती’

    जस्टिस दत्ता ने आगे यह भी कहा कि सिंगल बेंच ने जिस तरह तेजी से फैसला सुनाने में मिसाल पेश की है, वह इस मामले पर लागू नहीं होती, क्योंकि यह एक सर्विस मामले से संबंधित थी। वकील रोहतगी ने दावा किया कि CBFC की पूरी कार्रवाई ‘बदनीयती’ से थी। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा, ‘आप डिवीजन बेंच के पास जाइए।’ रोहतगी ने दलील दी कि फिल्म ज्यादा समय तक रुकती है तो यह बुरा असर डालती है। यह सब एक ही वजह से किया जा रहा है।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम इसमें दखल देने के मूड में नहीं हैं

    रोहतगी की इस दलील पर जस्टिस दत्ता ने कहा, ‘हम इसमें दखल देने के मूड में नहीं हैं।’ इसके बाद रोहतगी ने कोर्ट से रिक्वेस्ट की कि हाई कोर्ट को 20 जनवरी को ही फैसला लेने के लिए कहा जाए। इस पर स्पेशल लीव पिटीशन खारिज करते हुए बेंच ने अपने ऑर्डर में कहा, ‘हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच 20 जनवरी को अपील पर फैसला लेने की कोशिश कर सकती है।’

    पहले U/A सर्टिफिकेट की हामी, फिर अचानक लगाई रोक

    जन नायकन‘ को लेकर यह सारा बवाल उस समय है, जब यह जगजाहिर है कि यह एक्टर विजय की आखिरी फिल्म है। इसके बाद वह अपनी पार्टी TVK के साथ चुनावी राजनीति में कदम रख रहे हैं। उनकी यह फिल्‍म पहले 9 जनवरी को पोंगल पर रिलीज होने वाली थी। लेकिन इसे तब पोस्‍टपोन करना पड़ा, जब CBFC चेयरपर्सन ने 6 जनवरी को फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने का फैसला किया। यह तब हुआ जब इससे पहले CBFC के चेन्नई रीजनल ऑफिस की एग्जामिनिंग कमेटी ने कुछ कट्स के साथ फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेशन देने पर सहमति जता दी थी।

    सेंसर बोर्ड में दिसंबर महीने में ही जमा की गई थी ‘जन नायकन’

    सेंसर बोर्ड के फैसले को चुनौती देते हुए प्रोड्यूसर हाई कोर्ट गए। प्रोड्यूसर ने हाई कोर्ट में अपनी रिट पिटीशन में बताया कि, दिसंबर 2025 में सर्टिफिकेशन के लिए फिल्म जमा करने के बाद, CBFC ने कुछ बदलाव सुझाए। CBFC के सुझावों को मानते हुए, 24 दिसंबर 2025 को एक रिवाइज्ड वर्जन जमा किया गया। 29 दिसंबर 2025 को, CBFC के चेन्नई रीजनल ऑफिस ने प्रोड्यूसर को बताया कि रिवाइज्ड वर्जन को सर्टिफाई कर दिया जाएगा। हालांकि, प्रोड्यूसर पोर्टल में कुछ टेक्निकल दिक्कतों के कारण फिल्म का फाइनल अपलोडिंग प्रोसेस पूरा नहीं कर पाए, और उन्होंने इस बारे में CBFC के ऑफिस को बताया।

    ‘जन नायकन’ के ख‍िलाफ श‍िकायत के बाद CBFC चेयरपर्सन की चिट्ठी

    इसके बाद 5 जनवरी को, उन्हें एक कम्युनिकेशन मिला कि CBFC चेयरपर्सन ने ‘नियम 24’ के तहत फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने का फैसला किया है, क्योंकि कंटेंट के संबंध में एक शिकायत मिली थी। इसमें कहा गया कि कुछ सीन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं और सशस्त्र बलों का गलत चित्रण किया गया है। यह शिकायत एग्जामिनिंग कमेटी के ही एक सदस्य ने दायर की थी, जिसने शुरू में फिल्म को क्लियर कर दिया था।

    9 जनवरी को हाई कोर्ट से पहले मिली राहत, फिर झटका

    मामले में 9 जनवरी को, हाई कोर्ट की जस्‍ट‍िस पीटी आशा की सिंगल बेंच ने प्रोड्यूसर की याचिका को स्वीकार करते हुए, CBFC को तुरंत सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया। लेकिन फिर उसी दिन डिविजनल बेंच ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।