इस्लामाबाद में एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने इस पर जवाब दिया। अंद्राबी ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी विदेश विभाग का संक्षिप्त बयान देखा है, जिसमें आंतरिक समीक्षा की बात कही है। उन्होंने इसे बदलती हुई स्थिति बताया और कहा कि पाकिस्तान आगे की जानकारी के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में है।
अमेरिका ने क्यों लगाई वीजा प्रोसेसिंग पर रोक?
अमेरिकी विदेश विभाग के निर्देश और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सार्वजनिक बयानों के अनुसार, यह रोक 21 जनवरी से प्रभावी होगी। इसके तहत दुनियाभर में स्थित अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को इमिग्रेंट वीज़ा की प्रोसेसिंग रोकने को कहा गया है, ताकि मौजूदा इमिग्रेशन कानून के तहत स्क्रीनिंग और वेटिंग प्रक्रियाओं की दोबारा समीक्षा की जा सके।
स्टेट डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, “ट्रंप प्रशासन अमेरिका की इमिग्रेशन प्रणाली के दुरुपयोग को समाप्त कर रहा है। ऐसे लोग जो अमेरिकी जनता की उदारता का फायदा उठाकर देश की संपत्ति पर बोझ बनना चाहते हैं, उन्हें रोका जाएगा।” उन्होंने कहा कि विदेश विभाग अपनी लंबे समय से चली आ रही कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ऐसे संभावित प्रवासियों को अयोग्य ठहराएगा जो अमेरिका पर ‘पब्लिक चार्ज’ बनने की आशंका रखते हैं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
अधिकारियों को आवेदन खारिज करने के निर्देश
एक स्टेट डिपार्टमेंट मेमो के अनुसार, जिसकी जानकारी सबसे पहले फॉक्स न्यूज़ डिजिटल ने दी, समीक्षा अवधि के दौरान कांसुलर अधिकारियों को इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट के “पब्लिक चार्ज” प्रावधान के तहत वीज़ा आवेदन खारिज करने के निर्देश दिए गए हैं। यह रोक अनिश्चितकालीन बताई गई है और समीक्षा पूरी होने तक लागू रहेगी।
व्हाइट हाउस ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस कदम की पुष्टि की। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “अमेरिका ने सोमालिया, रूस और ईरान सहित 75 देशों के लिए सभी वीजा प्रोसेसिंग फ्रीज कर दी है।”
(आईएएनएस से इनपुट)













