ईरान में क्या करने जाते हैं भारतीय
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ईरान में तकरीबन 10,000 से अधिक भारतीय प्रवासी (NRI और PIO) रह रहे हैं। इनमें कम से कम 3,000 भारतीय छात्र हैं, जिनमें से लगभग 2,300 कश्मीर से हैं। ये छात्र ईरान में डॉक्टरी की पढ़ाई और शिया धार्मिक शिक्षा ले रहे हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर के छात्रों की तादाद काफी ज्यादा ह। ये छात्र तेहरान, शीराज, मशहद और कुम जैसे शहरों में रहकर पढ़ाई करते हैं। कुछ लोग बतौर टूरिस्ट घूमने-फिरने भी जाते हैं। वहीं, सामरिक तौर पर अहम चाबहार बंदरगाह और तटीय इलाकों में भारतीय कामगार और इंजीनियर काम करते हैं। भारत सरकार इन सभी के साथ दूतावास के जरिए लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
तेहरान के अस्पताल लाशों से अटे पड़े
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान के अस्पताल लाशों से भरे पड़े हैं। सड़कों से शव हटाने के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिवारों को अपने बच्चों की जान लेने वाली गोलियों की कीमत चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। भारत में रहने वाले ईरानियों का कहना है कि उन्हें अपने घर से यही तस्वीर मिल रही है।
सड़कों पर धड़ाधड़ चल रहे बुलडोजर पर बुलडोजर
रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान की मूल निवासी और अब दक्षिण भारत के एक शहर में रहने वाली अबगीन खाकी ने टीओआई को बताया कि उन्होंने मंगलवार शाम अपने माता-पिता से बात की थी। उन्होंने बताया कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन चारों ओर लाशों का ढेर लगा हुआ है। उन्होंने कहा-मेरे पिता ने बताया कि अस्पताल लाशों से भरे पड़े हैं। प्रशासन सड़कों को साफ करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल कर रहा है। वे परिवारों को शव तब तक नहीं सौंप रहे जब तक वे भुगतान नहीं कर देते। लगभग 50 करोड़ तोमान (4,000 डॉलर, 3,60,000 रुपये)। उन्होंने आगे कहा-कुछ अधिकारी गोली की कीमत भी मांग रहे हैं।
लोग रोटी और अंडे तक नहीं खरीद सकते
उन्होंने बताया कि ईरानी शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की जो लहर शुरू हुई थी, वो अब हिंसा का रूप ले चुकी है। लोग रोटी और अंडे तक नहीं खरीद सकते। हमारे माता-पिता की पीढ़ी को इस बात का पछतावा है कि जब वे बोल सकते थे तब उन्होंने आवाज नहीं उठाई। अब वे हमारा साथ दे रहे हैं। हम इस शासन को हर कीमत पर हटाना चाहते हैं।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड मार रहे गोली
जब कुछ समय के लिए अंतरराष्ट्रीय कॉल की अनुमति दी गई, तो बहार अपने रिश्तेदारों से बात कर पाईं, मगर केवल 30 सेकंड के लिए। उन्हें अभी भी नहीं पता कि तेहरान में उनके माता-पिता सुरक्षित हैं या नहीं। उन्होंने कहा-हर दिन दोपहर 3 बजे से सुबह तक कर्फ्यू रहता है। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड सड़कों पर हैं, लेकिन लोग फिर भी बाहर निकल रहे हैं। वे जानते हैं कि उनकी जान जा सकती है, लेकिन फिर भी वे आ रहे हैं। सुरक्षा बलों ने पेलेट गन का इस्तेमाल बंद कर दिया है। वे अब असली गोलियां चला रहे हैं। वे किसी को नहीं छोड़ रहे हैं न महिलाओं को, न बच्चों को।
उड़ानें महंगी और बंद होने के चलते नहीं भेज पा रहे टिकट
श्रीनगर के मोहम्मद अमीन भट, जिनकी बेटी शिराज में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है, ने कहा-भारत सरकार की इस एडवाइजरी ने हमारी चिंता और बढ़ा दी है। उड़ानें महंगी हैं। इंटरनेट बंद होने के कारण हम टिकट भी नहीं भेज पा रहे हैं। हम बस उन्हें सुरक्षित रहने के लिए कह रहे हैं। भारतीयों ने भारत सरकार से अपने परिजनों की ईरान से सुरक्षित वापसी के लिए अपील की है।
भारत सरकार ने फौरन ईरान छोड़ने की दी है सलाह
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्रालय ने 14 जनवरी 2026 को नई गाइडलाइन जारी करते हुए भारतीयों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है और गैर-जरूरी यात्राओं पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सोशल मीडिया पर भारतीय छात्रों के ऐसे वीडियो भी सामने आ रहे हैं जो वहां लगे कर्फ्यू और महंगाई के कारण हो रहे देशव्यापी प्रदर्शन की कहानी बयां कर रहे हैं।
ईरान में फंसे हैं भारतीय तो ये करें उपाय
तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा उपाय: भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को उपलब्ध उड़ानों समेत सभी परिवहन विकल्पों का इस्तेमाल करके ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है।
भारतीय दूतावास में तुरंत कराएं रजिस्ट्रेशन: यदि आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो तुरंत तेहरान स्थित भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आपात स्थिति में वे आपको अद्यतन जानकारी या सहायता प्रदान कर सकें।
अशांत क्षेत्रों में जाने से बचें: अत्यधिक सावधानी बरतें और विरोध प्रदर्शनों, रैलियों और बड़े सार्वजनिक समारोहों वाले क्षेत्रों से सख्ती से बचें, क्योंकि सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया गंभीर हो सकती है।
टीवी और न्यूज वेबसाइट पर नजर रखें: स्थानीय मीडिया और दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया चैनलों से आधिकारिक अद्यतन जानकारी प्राप्त करके सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी रखें।
अपने दस्तावेज तैयार और अपडेट रखें: सुनिश्चित करें कि आपके सभी यात्रा और आव्रजन दस्तावेज, जिनमें आपका पासपोर्ट और पहचान पत्र शामिल हैं, आसानी से उपलब्ध हों और व्यवस्थित हों।
इमरजेंसी सप्लाई तैयार रखें: खाना-पानी और जरूरी दवाओं का आपातकालीन भंडार अपने पास रखें, ताकि लंबे समय तक घर में ही शरण लेने की स्थिति में ये आपके काम आ सकें।
दूतावास और परिजनों से संपर्क बनाए रखें: अपने कम्युनिकेशन उपकरणों को चार्ज रखें और अपने प्रियजनों और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।
भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और ईमेल एक्टिव कर दिए हैं:
हेल्पलाइन नंबर: +989128109115; +989128109109; +989128109102; +989932179359
ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in














