• Technology
  • चीन ने बनाया रोबोटों का ‘एंड्रॉयड’, इसने पानी पिलाया और कूड़ा भी साफ किया; अमेरिकी के ल‍िए क‍ितनी बड़ी चुनौती?

    रोबोट्स के क्षेत्र में चीन ने अमेरिका के सामने बड़ी चुनौती पेश कर दी है। चीन की रोबोट‍िक्‍स कंपनी ‘लिमएक्‍स डायनैमिक्‍स’ (LimX Dynamics) ने रोबोट्स के लिए ऑपरेटिंग सिस्‍टम (OS) पेश किया है। एक वीडियो शेयर करके उसने Oli (ओली) नाम के रोबोट का जलवा दिखाया है जो ऑपरेटिंग सिस्‍टम की मदद से पानी पिलाने,


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 15, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    रोबोट्स के क्षेत्र में चीन ने अमेरिका के सामने बड़ी चुनौती पेश कर दी है। चीन की रोबोट‍िक्‍स कंपनी ‘लिमएक्‍स डायनैमिक्‍स’ (LimX Dynamics) ने रोबोट्स के लिए ऑपरेटिंग सिस्‍टम (OS) पेश किया है। एक वीडियो शेयर करके उसने Oli (ओली) नाम के रोबोट का जलवा दिखाया है जो ऑपरेटिंग सिस्‍टम की मदद से पानी पिलाने, कूड़ा साफ करने जैसे काम कर लेता है। इंसानों जैसा दिखने वाला रोबोट लिफ्ट से बिल्डिंग में कहीं भी आ-जा सकता है। 4 मिनट 28 सेकंड के वीडियो ने मुझे भी हैरान कर दिया।

    ‘लिमएक्‍स डायनैमिक्‍स’ ने अपने ओएस को LimX COSA नाम दिया है। इस ऑपरेटिंग सिस्‍टम को ह्यूमनॉइड यानी इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट्स के लिए बनाया गया है ताकि वो असल दुनिया में काम कर पाएं। ओएस को बनाने का मकसद है कि रोबोट, इंसानों की मदद के ब‍िना चीजों को समझें, सोचें और अपने कामों को पूरा कर पाएं।

    रोबोटों के लिए बना पहला ऑपरेटिंग सिस्‍टम

    टेकी ब्‍लॉग की र‍िपोर्ट के अनुसार, यह ऑपरेटिंग सिस्‍टम सिर्फ उन रोबोटों में इस्‍तेमाल किया जाएगा, जो इंसानों के आसपास होते हैं। उनके साथ काम करते हैं। कंपनी दावा कर रही है कि उसका ऑपरेटिंग सिस्‍टम, रियल वर्ल्‍ड की चीजों के साथ खुद से बात करके अपने काम कर सकता है।

    …जब पत्‍थरों पर चलने लगा था रोबोट

    ‘लिमएक्‍स डायनैमिक्‍स’ काफी वक्‍त से इस पर काम कर रही है। कंपनी ने पिछले साल दिसंबर में एक वीडियो में दिखाया था कि उसका ह्यूमनॉइड रोबोट रेत, पत्‍थरों वाली जगह पर अपना संतुलन खुद बना ले रहा था। अभी कंपनी ने ऑपरेटिंग सिस्‍टम को Oli नाम के रोबोट पर टेस्‍ट किया है।

    Oli रोबोट की प्रमुख खूबियां

    • LimX COSA को ओली (Oli) नाम के रोबोट के लिए डिजाइन किया गया है।
    • यह लगभग 5 फीट 5 इंच लंबा है।
    • इसमें 31 जॉइंट्स हैं जिनकी मदद से रोबोट खुद को हिला-डुला सकता है।
    • Oli उसे मिलने वाले बातों को सुनकर खुद तय करता है कि उसे वह काम कैसे पूरा करना है।

    बदल सकता है रास्‍ता भी

    आमतौर पर रोबोट्स एक सेट पैटर्न को फॉलो करते हैं, लेकिन Oli के साथ ऐसा नहीं है। इसे जहां जाना है, वहां तक पहुंचने के लिए रोबोट अपना रास्‍ता देखकर खुद फाइनल करता है कि उसे कहां से जाना है। यह रोबोट्स के क्षेत्र में बड़ी उपलब्‍ध‍ि है और आने वाले भविष्‍य के संकेत भी देती है।

    सीढ़‍ियां चढ़ने से पहले मिलता है अलर्ट

    ओली रोबोट सीढ़‍ियां चढ़ने जैसे मुश्किल काम भी कर सकता है। इसके अंदर लगे सेंसर, ऑपरेटिंग सिस्‍टम को जानकारी भेजते हैं जिससे रोबोट को एक्‍शन लेने का मौका मिलता है और वह अपने चलने के तरीके में बदलाव कर पाता है।

    भविष्‍य में इस तकनीक से उम्‍मीदें

    ओली जैसे रोबोट और LimX COSA ऑपरेटिंग सिस्‍टम यह उम्‍मीद जगाते हैं कि भव‍िष्‍य में रोबोट्स बहुत एडवांस होंगे। वो हमारे स्‍मार्टफोन की तरह ही ‘दिमाग’ वाले होंगे और जो काम उन्‍हें सौंपा जाएगा, उसे पूरा करके दिखाएंगे। चीनी कंपनी का यह कदम भविष्‍य के लिए बड़ी लकीर और अमेरिका को मजबूत चुनौती है क्‍योंकि ऑपरेटिंग सिस्‍टम की दुनिया में अभी तक सिर्फ गूगल और ऐपल का बोलबाला है। अगर रोबोट‍िक्‍स के क्षेत्र में ऑपरेटिंग सिस्‍टम तैयार करने में चीन आगे निकलता है तो यह एक बड़े बदलाव का संकेत होगा।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।