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  • SIR: क्या सीमा हैदर फॉर्म-6 भरने के लिए योग्य हैं, भारत में दे पाएंगी वोट?

    नई दिल्ली: क्या सीमा हैदर 6 नंबर फॉर्म भरने के लिए योग्य हैं? सोशल मीडिया पर ये सवाल खूब पूछा जा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या सीमा हैदर भारत में वोट दे पाएंगी। क्या वह मौजूदा SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के तहत वोटर आईडी बनवा सकती हैं। जानते हैं कि क्या


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    By Azad Hind Desk जनवरी 15, 2026
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    नई दिल्ली: क्या सीमा हैदर 6 नंबर फॉर्म भरने के लिए योग्य हैं? सोशल मीडिया पर ये सवाल खूब पूछा जा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या सीमा हैदर भारत में वोट दे पाएंगी। क्या वह मौजूदा SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के तहत वोटर आईडी बनवा सकती हैं। जानते हैं कि क्या पाकिस्तान या बांग्लादेश से आया कोई भी व्यक्ति भारत में वोट डाल सकता है? इस बारे में सभी कायदे-कानून को समझते हैं।

    सीमा हैदर वोट दे सकती हैं या नहीं, ग्रोक ने बताया

    जब इस बारे में ग्रोक से पूछा गया तो उसने बताया कि सीमा हैदर अभी भारत में वोट नहीं दे सकती हैं। भारत में वोट देने (मतदान) का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को प्राप्त है, जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो और जिनका नाम मतदाता सूची (voter list) में दर्ज हो। इसके लिए व्यक्ति के पास भारतीय नागरिकता होना अनिवार्य है। सीमा हैदर पाकिस्तान की नागरिक हैं, जो 2023 में अवैध रूप से नेपाल के रास्ते भारत आई थीं।

    सीमा हैदर को एक बेटी पैदा हुई है

    ग्रोक के अनुसार, सीमा हैदर एक भारतीय सचिन मीणा से शादीशुदा हैं, हिंदू धर्म अपनाने का दावा करती हैं। उन्हें एक बेटी भी भारत में हुई है। उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है और राष्ट्रपति को पत्र भी लिखा है। जनवरी 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी नागरिकता अभी पेंडिंग है या मंजूर नहीं हुई है।

    सीमा हैदर को नहीं मिलती है नागरिकता

    सीमा हैदर भारत में अवैध प्रवेश के केस में कोर्ट में हैं, जमानत पर बाहर हैं। बीते साल पहलगाम अटैक के बाद पाकिस्तानी नागरिकों पर प्रतिबंध में भी उनकी स्थिति स्पष्ट रूप से भारतीय नागरिक के रूप में नहीं मानी गई है। उनके वकील दावा करते हैं कि शादी और बच्चे के कारण वे अब भारतीय हैं, लेकिन कानूनी रूप से नागरिकता प्राप्त नहीं हुई है।

    SIR सिर्फ वोटर लिस्ट अपडेट करता है

    कुछ खबरों में SIR (Special Intensive Revision) अभियान के दौरान सीमा हैदर की वोटर आईडी पर चर्चा हुई, लेकिन स्पष्ट किया गया कि SIR सिर्फ वोटर लिस्ट अपडेट करता है और नागरिकता केस से इसका कोई सीधा संबंध नहीं है। अगर सीमा हैदर के पास वोटर आईडी नहीं है (जो नागरिकता के बिना संभव नहीं), तो वे वोट नहीं दे सकतीं हैं।

    भारत में मतदान का अधिकार किसे हासिल है

    lawctopus पर छपे एक लेख के मुताबिक, संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत हर 18 वर्ष से अधिक उम्र का नागरिक, जो संविधान या कानून के तहत अयोग्य नहीं है, मतदाता के रूप में पंजीकरण का हकदार है। इसमें धर्म, जाति या लिंग के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता है। अनुच्छेद 326 मतदान के अधिकार की गारंटी देता है, जबकि अनुच्छेद 324 यह सुनिश्चित करता है कि इस अधिकार का प्रयोग निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से हो। ये दोनों प्रावधान मिलकर भारत की लोकतांत्रिक चुनावी प्रणाली की रीढ़ की हड्डी बनाते हैं।

    कौन मतदान नहीं कर सकता है

    बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, वोट देने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है। इसक मतलब यह हुआ कि जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है वो मतदान नहीं कर सकता है। साथ ही जिस किसी भी भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वो भी मतदान नहीं कर सकते हैं। इनके अलावा चुनाव संबंधी अपराध या ग़लत आचरण की वजह से अयोग्य घोषित किया गया व्यक्ति न तो मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकता है और न ही मतदान कर सकता है। ऐसे लोग, जिनका नाम से अधिक वोटर लिस्ट में है, वो भी मतदान नहीं कर सकते हैं।

    NRI को क्या वोट देने का हक है

    अगर कोई व्यक्ति एनआरआई है और उसने दूसरे देश की नागरिकता नहीं ली है, उसे वोट देने का अधिकार है। हालांकि, किसी अन्य देश की नागरिकता ले लेने पर उसके भारतीय चुनाव में वोट देने का अधिकार समाप्त हो जाता है। जो लोग मानसिक रूप से दिव्यांग हैं और जिन्हें न्यायालय से मानसिक रूप से दिव्यांग घोषित कर दिया गया है, वो मतदाता सूची में अपना नामांकन नहीं करवा सकते और उन्हें मतदाता पहचान पत्र जारी नहीं किया जाता है। साथ ही जिन लोगों को वोट देने का अधिकार है, वो अपना वोट चुनाव आयोग से निर्धारित मतदान केंद्र में ही डाल सकते हैं अन्य केंद्रों पर इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

    मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6

    बीबीसी की एक स्टोरी के अनुसार, एक भारतीय नागरिक जो मतदाता सूची में संशोधन वर्ष की एक जनवरी को 18 साल की आयु पूरा कर रहा है, वो अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि वह व्यक्ति उस निर्वाचन क्षेत्र का निवासी हो, जहां वह अपना नाम दर्ज कराना चाहता है। इसके लिए उन्हें फॉर्म-6 भरना होगा। इस फॉर्म को बूथ लेवल ऑफिसर या बीएलओ से हासिल किया जा सकता है। फार्म में आपको अन्य जानकारियों के साथ-साथ आधार नंबर भी देना होता है। हालांकि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, वो भी फार्म भर सकते हैं। आवेदक को अपनी आयु को प्रमाणित करने के लिए सक्षम अधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी 10वीं और 12वीं का सर्टिफिकेट या पासपोर्ट में से किसी एक की प्रति लगानी होती है।

    मतदान से जुड़े कानून कौन से हैं, क्या है इनमें

    जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (RP Act, 1950)
    धारा 16 : गैर-नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकता है।
    धारा 19 : मतदाता की आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और वह निर्वाचन क्षेत्र में ‘सामान्य रूप से निवासी’ होना चाहिए।
    जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (RP Act, 1951)
    धारा 62 : मतदाता सूची में शामिल व्यक्ति को मतदान का अधिकार है, बशर्ते वह अयोग्य न हो या जेल में न हो।

    CAA में क्या है, जिसमें मिलती है नागरिकता

    सीएए (Citizenship Amendment Act, 2019) के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया मुख्य रूप से धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले कुछ गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए तेज और आसान बनाई गई है। यह कानून नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करता है। मुख्य पात्रता (Eligibility Criteria)सीएए के तहत भारतीय नागरिकता पाने के लिए व्यक्ति को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:धर्म: हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई (ये छह धर्मों के लोग)। पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश से आए हों। भारत में 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले प्रवेश किया हो। धार्मिक उत्पीड़न या उसके डर के कारण भारत आए हों।

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