ट्रंप ने आगे लिखा, ‘मारिया ने मेरे काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया। यह आपसी सम्मान का एक शानदार प्रतिबिंब है। धन्यवाद, मारिया!’ इसके पहले मचाडो ने बताया था कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के दौरान उन्हें अपना नोबेल पीस प्राइज भेंड गिया। मचाडो ने इसे ‘वेनेजुएला की आजादी के प्रति ट्रंप की प्रतिबद्धता का सम्मान’ बताया। बैठक के बाद मारिया ने अपने समर्थकों से कहा कि बातचीत अच्छी रही और वे अमेरिकी राष्ट्रपति पर भरोसा कर सकते हैं।
क्या ट्रंप रखेंगे नोबेल पीस प्राइज?
वॉइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मारिया कोरिना मचाडो का नोबेल शांति पुरस्कार अपने पार रखने का फैसला किया है। अमेरिकी न्यूज आउटलेट CNN ने मामले से परिचित एक सूत्र के हवाले से बताया कि मचाडो ने मेडल वॉइट हाउस में ही छोड़ दिया था और यह फिलहाल राष्ट्रपति के पास है।
कमेटी ने कहा- ट्रांसफर नहीं हो सकता खिताब
ट्रंप लंबे समय से नोबेल पुरस्कार को पाने की इच्छा रखते थे और कई मौकों पर उन्होंने इसे खुलकर जाहिर भी किया है। हालांकि, नोबेल देने वाली कमेटी ने साफ कर दिया है कि साझा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। एक्स पर एक पोस्ट में कमेटी ने कहा कि मेडल का मालिक बदल सकता है लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का खिताब नहीं बदल सकता है। नोबेल पीस सेंटर ने लिखा, ‘एक बार जब नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाती है तो इसे रद्द नहीं किया जा सकता, साझा नहीं किया जा सका, या दूसरों को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। यह फैसला अंतिम होता है और हमेशा के लिए मान्य होता है।’














