द कारवां मैगजीन के एक आर्टिकल में दावा किया गया है कि ‘अपहरण किए गए विमान में ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने की घटना का कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं है। यह फिल्म में यह घटना केवल नरेटिव गढ़ने के लिए दिखाई गई है।’ इसके लिए रॉ चीफ के बयान का जिक्र किया गया है, लेकिन यह नहीं बताया गया है कि तत्कालीन रॉ चीफ कौन था।
फिल्म में बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप
आर्टिकल में कहा गया है कि इस फिल्म कंधार अपहरण के दौरान तीन आतंकियों की रिहाई को तत्कालीन सरकार की मजबूरी के रूप में दिखाया गया है, जबकि खुफिया तंत्र से जुड़े कुछ पात्रों को अधिक आक्रामक और दूरदर्शी बताने की कोशिश की गई है। साथ ही, पूर्व रॉ प्रमुख ए.एस. दुलत और 2010 में शुरू हुई ‘अमन की आशा’ पहल का उल्लेख करते हुए, फिल्म पर कूटनीति और संवाद की कोशिशों को कमजोर बताने का आरोप लगाया गया है। फिल्म में कुछ दृश्यों और संवादों के जरिए वास्तविक घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर या चयनित तरीके से पेश करने का भी आरोप है।
क्या है दावे की सच्चाई
1999 में हाईजैक हुए विमान में ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने के सीन को लेकर विवाद पर फैक्ट चेक करें तो हमें पता चलता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एक पुराने इंटरव्यू में खुद कहा था कि उन्होंने हाईजैक हुए विमान के अंदर भारत माता की जय के नारे लगाए थे। डोभाल के अनुसार, यात्रियों की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
क्या था मामला?
24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली आ रही इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था। इस विमान में 176 यात्री और 15 क्रू मेंबर्स सवार थे। आतंकियों ने हाईजैक के बाद विमान को तालिबान के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान के कंधार में लैंड कराया था। आतंकियों ने भारत सरकार के समक्ष तीन आतंकवादियों की रिहाई की मांग रखी थी।














