द सन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ग्रीनलैंड में अमेरिकी दूतावास की इमारत के तौर पर 3,000 वर्ग मीटर का लग्जरी टावर बनाया जा रहा है। यह बख्तरबंद इमारत होगी, यानी इस पर गोलियों-बमों का असर नहीं होगा। इस जगह को अमेरिका अपने जासूसों से भरेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ऐसे लोगों की भर्ती भी कर रहा है, जो स्थानीय भाषा बोलते हैं। यह ग्रीनलैंड के लोगों को लुभाने की कोशिश के तहत किया जा रहा है।
जासूसों के जरिए बनाएगा माहौल
अमेरिका का ग्रीनलैंड की राजधानी नूक के मछली पकड़ने वाले बंदरगाह के पास एक नॉर्डिक-स्टाइल का छोड़ा दूतावास है। जल्दी ही दूतावास का स्टाफ राजधानी की मुख्य सड़क पर बनी नई शानदार बिल्डिंग के बेसमेंट में चला जाएगा। दूतावास के प्रवक्ता ने कहा है कि यह अमेरिका और ग्रीनलैंड के बीच मजबूत संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करेगा।
डेनिश सशस्त्र बल खुफिया सेवा के पूर्व मुख्य विश्लेषक जैकब कार्सबो ने बताया कि अमेरिकी दूतावास नई बिल्डिंग में जाएगा तो अमेरिका जासूसों को काम पर रखा जाएगा। इसका मकसद स्थानीय लोगों का अमेरिका के प्रति रवैया बदलते हुए उनका दिल जीतना और चुपके से अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्जे के अपने लक्ष्य को हासिल करने में मदद करना होगा।
क्या कह रहे हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। ट्रंप ने इस आर्कटिक द्वीप पर कंट्रोल के लिए बल प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया है। उनका दावा है कि ग्रीनलैंड के आसपास आर्कटिक समुद्र रूसी और चीनी युद्धपोतों से भरा है। ऐसे में ग्रीनलैंड खतरे में है और उस पर अमेरिकी नियंत्रण होना चाहिए।












