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  • नेपाल में भारत समर्थक नेपाली कांग्रेस दो-फाड़, EC में पूर्व PM देउबा गुट को झटका, चुनाव पर होगा असर!

    काठमांडू: नेपाल में एक बड़े सियासी घटनाक्रम में देश की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस दो गुटों में बंट गई है। शेर बहादुर देउबा और गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा के बीच तनातनी के बाद भारत के लिए नरम रुख रखने वाली यह पार्टी टूट गई है। नेपाली कांग्रेस के औपचारिक रूप से बंटने


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    By Azad Hind Desk जनवरी 17, 2026
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    काठमांडू: नेपाल में एक बड़े सियासी घटनाक्रम में देश की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस दो गुटों में बंट गई है। शेर बहादुर देउबा और गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा के बीच तनातनी के बाद भारत के लिए नरम रुख रखने वाली यह पार्टी टूट गई है। नेपाली कांग्रेस के औपचारिक रूप से बंटने के बाद चुनाव आयोग में पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा के गुट को झटका लगा है। नेपाल के चुनाव आयोग ने विशेष आम अधिवेशन के जरिए चुनी गई थापा के नेतृत्व वाली समिति को आधिकारिक पार्टी के रूप में मान्यता दे दी है।

    द काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गगन थापा के नेतृत्व वाली पार्टी को मान्यता दी गई। चुनाव आयोग के इस फैसले का गगन थापा गुट ने स्वागत करते हुए खुशी जताई है। वहीं देउबा गुट ने इस पर ना सिर्फ नाराजगी जताई है बल्कि राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन की धमकी भी दी है। इस घटनाक्रम का नेपाल में मार्च में होने वाले चुनाव पर भी असर हो सकता है।

    तीसरी बार टूटी पार्टी

    नेपाली कांग्रेस 1950 में अपने गठन के बाद तीन बार टूटी है। पार्टी में पहली टूट 1953 में विशेश्वर प्रसाद कोइराला और मातृका प्रसाद कोइराला के टकराव के चलते हुई। इसके बाद साल 2002 में माओवादी विद्रोह में प्रतिनिधि सभा भंग किए जाने के बाद पार्टी विभाजित हुई। नेपाली कांग्रेस की ताजा टूट को पार्टी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि देश में मार्च में चुनाव होने हैं।

    पांच बार के प्रधानमंत्री देउबा के नेतृत्व वाले गुट के लिए ये खासतौर पर झटका है क्योंकि पार्टी की कमान अब थापा के पास चली गई है। इससे 5 मार्च को होने वाले चुनावों की संभावनाओं पर भी सवाल उठ गए हैं। अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता संभालने के छह महीने के भीतर चुनाव कराने हैं।

    नेपाल में फिलहाल आयोग और सरकार दोनों चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने शुरू में चुनाव का विरोध किया था लेकिन अब भाग लेने की तैयारी कर रही है। कुछ राजनीतिक संगठनों को छोड़कर नेपाल की सभी बड़ी पार्टियों ने चुनावों में हिस्सा लेने की इच्छा दिखाई है।

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