लंदन की मीडिया के मुताबिक प्रॉपर्टी की कीमत में गिरावट के कई कारण हैं। सबसे पहले मकानों की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं, जिससे लोगों के लिए मकान खरीदना मुश्किल हो गया है। दूसरे, बाजार में नए घरों की सप्लाई बढ़ गई है, जिससे मांग पर असर पड़ा है। इसके अलावा अप्रैल 2025 से स्टाम्प ड्यूटी भी बढ़ गई है, जिससे खरीदारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। इन सब वजहों से प्रॉपर्टी की कीमतें गिर रही हैं।
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नए मकान बनना बंद
‘द टेलीग्राफ’ के अनुसार, खरीदार नए बने घरों को अब ज्यादा पसंद नहीं कर रहे हैं। लंदन में पिछले साल नए घरों का निर्माण रुक गया था। इसकी वजहें बहुत ज्यादा सरकारी नियम-कानून रहे। नए बने घर अक्सर पुराने घरों की तुलना में ज्यादा महंगे बेचे जाते हैं। इसलिए इन प्रॉपर्टीज की कीमत बढ़ने में ज्यादा समय लगेगा। जो कोई भी पहले कुछ सालों में नया बना घर बेचता है, उसे आमतौर पर नुकसान की उम्मीद करनी चाहिए। कई लोग घाटे में अपना मकान बेच रहे हैं।
किस एरिया में बुरा हाल?
एक रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की आखिरी तिमाही में लंदन की 12.7% प्रॉपर्टीज की कीमतों में 5% से ज्यादा की गिरावट आई है। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि एक तिहाई से ज्यादा प्रॉपर्टीज छह महीने से ज्यादा समय से बाजार में अटकी हुई हैं। दक्षिण-पश्चिम लंदन में यह हाल और भी बुरा है। यहां के SW पोस्टकोड वाले इलाकों जैसे बेल्ग्रेविया, चेल्सी और नाइट्सब्रिज में 15% प्रॉपर्टीज की कीमतों में कमी आई है। यह पूरे देश में कीमतों में कटौती का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
खरीदार मिलने में परेशानी
लंदन में काफी प्रॉपर्टी ऐसी हैं जिन्हें कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। एक तिहाई से ज्यादा प्रॉपर्टीज छह महीने से ज्यादा समय से बिकी नहीं हैं। यहां प्रॉपर्टी बिकने में औसतन 50 दिन लगते हैं। ईस्ट सेंट्रल लंदन में 47% प्रॉपर्टी छह महीने से ज्यादा समय से बिकी नहीं हैं। इन्हें बिकने में औसतन 67 दिन लग रहे हैं।













