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  • ना दिल्ली, ना मुंबई… इलेक्ट्रिक गाड़ियां इस्तेमाल करने में यह शहर है सबसे आगे

    नई दिल्ली: देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल अब काफी बढ़ गया है। टू-व्हीलर से लेकर फोर व्हीलर तक की बिक्री भी काफी बढ़ गई है। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरमेंट एंड वॉटर (CEEW) की नई स्टडी में उन शहरों के नाम सामने आए हैं जहां साल 2024-25 में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हुआ।


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    By Azad Hind Desk जनवरी 18, 2026
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    नई दिल्ली: देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल अब काफी बढ़ गया है। टू-व्हीलर से लेकर फोर व्हीलर तक की बिक्री भी काफी बढ़ गई है। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरमेंट एंड वॉटर (CEEW) की नई स्टडी में उन शहरों के नाम सामने आए हैं जहां साल 2024-25 में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हुआ। ताज्जुब की बात है कि इस लिस्ट में टॉप पर देश के दो बड़े शहर दिल्ली और मुंबई नहीं हैं।

    सीईईडब्ल्यू की स्टडी के मुताबिक इस लिस्ट में पहला नाम चंडीगढ़ का है। साल 2024-25 के दौरान चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 12.1% है। यह देश में सबसे ज्यादा है। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर गोवा रहा, जहां ई-व्हीकल की हिस्सेदारी 11.9% दर्ज की गई। राजधानी दिल्ली में ई-व्हीकल की 11.6 % हिस्सेदारी के साथ टॉप तीन में शामिल है।
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    दिल्ली में बढ़ा इस्तेमाल

    इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल में राजधानी दिल्ली ने देश के टॉप तीन शहरों में जगह बनाई है। साल 2024-25 के दौरान सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में राजधानी में ई-व्हीकल का इस्तेमाल बढ़ रहा है। साल 2024-25 में दिल्ली में कुल 83,423 ई-व्हीकल रजिस्टर्ड हुए। संख्या के लिहाज से यह देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा है।

    दिल्ली ने यहां मारी बाजी

    ई-व्हीकल अपनाने के मामले में दिल्ली का बेशक तीसरा स्थान हो, लेकिन इस मामले में एक जगह ऐसी है जहां दिल्ली तेजी से आगे बढ़ रही है। दिल्ली में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चलती हैं। स्टडी के मुताबिक देश की राजधानी में लगभग 40 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक हैं, जो देश के किसी भी शहर के मुकाबले सबसे ज्यादा हैं। इलेक्ट्रिक बसों ने शहर के बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    राष्ट्रीय स्तर पर क्या स्थिति?

    स्टडी में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर ई-व्हीकल की औसत हिस्सेदारी 7.49% रही है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में यह हिस्सेदारी अलग-अलग है। लोकल स्तर पर चल रही प्रोत्साहन स्कीमें, पॉलिसी टार्गेट और सरकारी पहल का ई-व्हीकल के इस्तेमाल पर साफ असर दिख रहा है। इससे यह भी पता चलता है कि किसी राज्य या शहर में कुल गाड़ियों के मुकाबले ई-व्हीकल की हिस्सेदारी कितनी है।

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