एंटी-कोएरशन इंस्ट्रूमेंट लागू करने की मांग
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बर्न्ड लांगे ने लिंक्डइन पर लिखा कि अब समय आ गया है कि एंटी-कोएरशन इंस्ट्रूमेंट लागू किया जाए और यूरोपीय संघ की ओर से साफ और ठोस जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि यूरोपीय आयोग को बिना देर किए इस प्रक्रिया की शुरुआत करनी चाहिए। ट्रंप ने शनिवार को कहा कि एक फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाले सभी सामानों पर दस प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप का कहना है कि यह कदम ग्रीनलैंड से जुड़े विवाद के कारण उठाया जा रहा है।
ईयू-अमेरिका व्यापार शुल्क समझौते का उल्लंघन
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का यह कदम जुलाई 2025 में स्कॉटलैंड में हुए यूरोपीय संघ-अमेरिका व्यापार और शुल्क समझौते का उल्लंघन है। लांगे के अनुसार, अगले सप्ताह यूरोपीय संसद इस मुद्दे पर फिर से विभिन्न राजनीतिक समूहों के साथ चर्चा करेगी। लांगे ने कहा कि मौजूदा हालात में सामान्य तरीके से आगे बढ़ना संभव नहीं है और संभावना है कि आगे का काम रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं कल्पना नहीं कर सकता कि हम सामान्य रूप से काम जारी रख सकते हैं, और मुझे लगता है कि हम अपना आगे का काम रोक देंगे।”
ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य अड्डा मौजूद
ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वशासित क्षेत्र है। रक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसले कोपेनहेगन सरकार के हाथ में हैं। अमेरिका का वहां एक सैन्य अड्डा भी मौजूद है। डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड में रुचि दिखाते रहे हैं। अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में उन्होंने ग्रीनलैंड को खरीदने की बात कही थी। अब वह इसे अपने कब्जे में लेने के लिए कई विकल्पों की बात कर रहे हैं, जिनमें अमेरिकी सेना के इस्तेमाल का जिक्र भी शामिल है। हाल के दिनों में ट्रंप की इस कोशिश के तेज होने से ग्रीनलैंड से जुड़ा संकट और गहरा गया है।
ग्रीनलैंड पर अमेरिकी टैरिफ धमकियां अस्वीकार्य
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की तरफ से टैरिफ की धमकियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। इमैनुएल मैक्रों ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि टैरिफ की धमकियां अस्वीकार्य हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये धमकियां सच साबित होती हैं, तो यूरोपीय देश एकजुट और तालमेल के साथ जवाब देंगे। मैक्रों ने ‘एक्स’ पर लिखा, “फ्रांस यूरोप और दुनिया के दूसरे हिस्सों में देशों की संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है। यही हमारे निर्णयों का मार्गदर्शन करता है। यही संयुक्त राष्ट्र और उसके चार्टर के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का आधार है। इसी आधार पर हम यूक्रेन का समर्थन करते हैं और करते रहेंगे। हमने इन सिद्धांतों और अपनी सुरक्षा की रक्षा के लिए एक मजबूत और स्थायी शांति के लिए इच्छुक देशों का गठबंधन बनाया है। इसी आधार पर हमने ग्रीनलैंड में डेनमार्क की ओर से आयोजित अभ्यास में भाग लेने का फैसला किया। हम इस फैसले की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं, क्योंकि आर्कटिक क्षेत्र और हमारे यूरोप की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा दांव पर है।”
डच विदेश मंत्री ने ट्रंप की धमकी को बताया ब्लैकमेल
डच विदेश मंत्री डेविड वैन वील ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आठ यूरोपीय देशों पर ग्रीनलैंड को समर्थन देने के कारण टैरिफ लगाने की योजनाओं को “ब्लैकमेल,” “समझ से बाहर,” और “अनुचित” बताया। रविवार को प्रसारित टेलीविजन करंट अफेयर्स शो ‘डब्ल्यूएनएल ऑप जोनदाक’ पर वैन वील ने कहा कि अब यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए कि “यह बेतुकी योजना” रद्द हो जाए। मंत्री ने कहा, “यह ब्लैकमेल है, और यह अपने सहयोगियों के साथ काम करने का तरीका नहीं है।” उन्होंने कहा कि धमकियों के बावजूद, नीदरलैंड्स नाटो अभ्यास की तैयारियों में हिस्सा लेने के लिए आर्कटिक द्वीप पर भेजे गए दो लोगों को वापस बुलाने की योजना नहीं बना रहा है। एक बार जब असली ऑपरेशन शुरू हो जाएगा, तो नीदरलैंड्स और सैनिक भेजेगा, लेकिन कितने, यह अभी तय नहीं हुआ है।
टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी ‘बिल्कुल गलत’:ब्रिटिश प्रधानमंत्री
ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की कोशिश का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी को ‘पूरी तरह से गलत’ करार दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, स्टॉर्मर ने कहा,”ग्रीनलैंड पर हमारा रुख बहुत स्पष्ट है – यह डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और इसका भविष्य ग्रीनलैंडवासियों और डेनमार्क के लोगों का मामला है।” उन्होंने कहा, “हमने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आर्कटिक सुरक्षा नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) के लिए महत्वपूर्ण है और सभी सहयोगियों को आर्कटिक के विभिन्न हिस्सों में रूस से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए मिलकर और अधिक प्रयास करने चाहिए।” प्रधानमंत्री ने कहा, “नाटो सहयोगियों की सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन पर शुल्क लगाना पूरी तरह गलत है। हम निश्चित रूप से इस मामले को सीधे अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाएंगे।”
मेलोनी बोलीं, ‘ग्रीनलैंड टैरिफ की धमकी एक गलती
इटली की प्रधानमंत्री ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की योजना के विरोधियों पर टैरिफ लगाने की धमकी को “गलती” बताया और कहा कि उन्होंने ट्रंप को अपने विचार बता दिए हैं। प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने सोल की यात्रा के दौरान पत्रकारों से कहा, “मेरा मानना है कि आज नए प्रतिबंध लगाना एक गलती होगी।” उन्होंने आगे कहा कि “मैंने कुछ घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप से बात की और उन्हें बताया कि मैं क्या सोचती हूं।”












