भारत बना अफगानिस्तान की पहली पसंद
पाकिस्तान से तनाव के बीच भारत, अफगानिस्तान के लिए दवाओं और चिकित्सा आपूर्ति का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। अफगानिस्तान वर्तमान में अपनी जरूरतों के हिसाब से भारत से दवाओं का आयात कर रहा है। हालांकि, भारत पहले से ही मानवीय सहायता के तहत जीवन रक्षक दवाएं, टीके और चिकित्सा उपकरण अफगानिस्तान को भेज रहा है। इससे अफगानिस्तान के बाजार में भारत का दबदबा बढ़ रहा है। भारत ने हाल ही में कैंसर की दवाएं, एंटी-वायरल, टीके और सीटी स्कैनर जैसी बड़ी खेपें भेजी हैं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान में व्यापार बंद
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा व्यापार लगभग बंद है। अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात सरकार ने पाकिस्तान से दवाओं का आयात पर पहले ही प्रतिबंध लगाया हुआ है। अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान से आने वाली दवाएं घटिया क्वालिटी की हैं, जिसका सीधा असर अफगान लोगों पर हो रहा है। इस कारण अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की जगह भारत को विकल्प के रूप में चुना है। हाल में ही तालिबान सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत का दौरा भी किया है।
भारत से भारी मात्रा में दवाएं खरीद रहा अफगानिस्तान
कुछ दिनों पहले अफगानिस्तान फार्मास्युटिकल सर्विसेज यूनियन के सदस्यों ने बताया था कि देश की 400 से ज्यादा कंपनियां दवाओं के इंपोर्ट में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा था कि ये सभी कंपनियां हेल्थ स्टैंडर्ड के हिसाब से अच्छी क्वालिटी की दवाएं हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। इन कंपनियों की पहली पसंद भारत बना हुआ है। भारत वर्तमान में दुनिया में दवाओं के निर्यात के हिसाब से सबसे बड़े देशों में शामिल है। कई अफगान दवा कंपनियों ने भारत में अपने ऑफिस भी खोले हैं।













