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  • इंदौर में विराट कोहली का 54वां वनडे शतक, रिकी पोंटिंग का सबसे बड़ा रिकॉर्ड ध्वस्त

    इंदौर: भले ही भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज का आखिरी वनडे हार गई हो, लेकिन इंदौर का होलकर स्टेडियम रविवार को एक ऐसे इतिहास का गवाह बना जिसे आने वाले दशकों तक याद रखा जाएगा। रन मशीन विराट कोहली ने अपनी महानता का एक और अध्याय लिखते हुए अपना 54वां वनडे शतक जड़ा और


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    By Azad Hind Desk जनवरी 19, 2026
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    इंदौर: भले ही भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज का आखिरी वनडे हार गई हो, लेकिन इंदौर का होलकर स्टेडियम रविवार को एक ऐसे इतिहास का गवाह बना जिसे आने वाले दशकों तक याद रखा जाएगा। रन मशीन विराट कोहली ने अपनी महानता का एक और अध्याय लिखते हुए अपना 54वां वनडे शतक जड़ा और रिकी पोंटिंग जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़कर नंबर-3 पायदान के सबसे सफल बल्लेबाज बन गए।

    नंबर-3 के नए सम्राट

    इस मैच में अपनी पारी के दौरान विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट का एक बहुत बड़ा शिखर पार किया। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए अब विराट के नाम 12,662 रन हो गए हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग के 12,655 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। अब कोहली वनडे इतिहास में नंबर-3 पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक

    विराट अब न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। उनके नाम कीवियों के खिलाफ अब 7 शतक हैं। उन्होंने इस मामले में रिकी पोंटिंग और वीरेंद्र सहवाग (6-6 शतक) को पीछे छोड़ दिया है।

    मुश्किल वक्त में ‘संकटमोचक’ की भूमिका

    न्यूजीलैंड के 338 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम एक समय 71 रन पर 4 विकेट गंवाकर गहरे संकट में थी। यहां से कोहली ने मोर्चा संभाला। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। पांचवें विकेट के लिए युवा नीतीश कुमार रेड्डी (53 रन) के साथ 88 रनों की साझेदारी कर टीम की उम्मीदें जगाईं। निचले क्रम में हर्षित राणा (52 रन) के साथ मिलकर कोहली ने सिर्फ 69 गेंदों में 99 रन जोड़े, जिसने न्यूजीलैंड के खेमे में हलचल मचा दी थी।

    हार के बावजूद अमर हुई पारी

    भले ही स्कोरकार्ड पर भारत को हार मिली, लेकिन विराट की यह पारी उनकी हार न मानने वाली मानसिकता की मिसाल है। उन्होंने साबित किया कि वे आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं और असंभव लक्ष्य को संभव बनाने का जज्बा रखते हैं। यह पारी न केवल रिकॉर्ड्स के लिए, बल्कि युवाओं को यह सिखाने के लिए भी याद रखी जाएगी कि दबाव में कैसे खेला जाता है।

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