अमेरिका के न्यू जर्सी में स्वीवन्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में भारतीय मूल के प्रोफेसर गौरव सबनीस ने बताया कि जब मेरी एक पूर्व स्टूडेंट ने अपने भारत भ्रमण को लेकर मुझे बताया तो मैंने उसे कुछ टिप्स दिए। अनहोनी की आशंका को लेकर उन्होंने अपनी स्टूडेंट को खासकर दिल्ली में यौन उत्पीड़न से सावधान रहने को कहा। उन्होंने कहा कि तुम वहां पर सिर्फ एक गोरी लड़की हो और आसानी से टारगेट हो सकती हो। प्रोफेसर की अपनी स्टूडेंट को लेकर यह चिंता सच साबित हुई।
कई दिनों तक परेशान रही अमेरिकी महिला
प्रोफेसर सबनीस ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर बताया कि अपने 8 दिनों के भारत टूर से लौटने के बाद उनकी स्टूडेंट ने अपने साथ हुई इस घटना का जिक्र किया। महिला ने बताया कि ‘भारत में मेरे सहकर्मी बहुत अच्छे थे और मैंने भारत में मजेदार और यादगार 8 दिन बिताए, लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण अप्रिय घटना घटी। इसने मेरा मूड इतना खराब कर दिया कि मैं कुछ दिनों तक उदास और गुमसुम रही।’
सबनीस ने महिला के हवाले से बताया कि ‘दिल्ली में लैंड करते ही बैगेज के बाद से ही मुझे अजनबियों से सेल्फी के लिए आग्रह किया लेकिन मैंने आपके द्वारा बताए गए नियमों के तहत सभी पुरुषों को गुस्से से न कर दिया। लेकिन महिलाओं और बच्चों को मना नहीं किया। मुझे इस दौरान काफी अच्छा लग रहा था।’
14 साल के किशोर ने की अश्लील हरकत
अमेरिकी लड़की ने बताया कि ‘दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर एक 14-15 साल के किशोर ने हमेशा के लिए मेरा भारत के लिए अनुभव खराब कर दिया। अपनी मां-बहन के साथ मेट्रो में मौजूद उस लड़के ने सेल्फी के लिए बोला। मैंने हां कर दिया। उसने तुरंत मेरे मेरे कंधे पर हाथ रख दिया। यह मेरे लिए थोड़ा अजीब था लेकिन मैंने सोचा ठीक है, आखिर वह किशोर ही तो है। लेकिन उसने सीधे मेरे ब्रेस्ट को जोर से पकड़कर अश्लील हरकत की।’
महिला ने सुनाई आपबीती
महिला ने कहा, ‘हैरान कर देने वाली बात है कि वह किशोर इस घिनौनी हरकत के बाद ऐसे हंसने लगा जैसे उसने कोई मजाक किया हो। मैं गुस्से से फट पड़ी, उसका कॉलर पकड़कर उसे धक्का दे दिया। वह गिर गया और उसकी मां मुझ पर गुस्सा करने लगी। उसने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि उसने कभी किसी गोरी महिला को इतने करीब से नहीं देखा था, इसलिए वह बहक गया।’ सवाल उठाते हुए अमेरिकी महिला ने कहा ये कैसी परवरिश है?
महिला ने प्रोफेसर से कहा, मुझे आपका देश बहुत पसंद आया और काश मैं कह पाती कि मैं वापस आऊंगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं कभी आ पाऊंगी। असल में, मैं पूरे दक्षिण एशिया को छोड़ दूंगी और अब मुझे समझ में आया कि आप क्या कह रहे थे। मुझे भारतीय महिलाओं के लिए बहुत दुख होता है। क्या यही उनका रोजमर्रा का जीवन है?














