Gold Silver Price Today, 19 January 2026: चांदी की कीमत 3 लाख के पार, सुबह-सुबह 12000 रुपये हुई महंगी, सोना भी उछला
1 से 2 लाख तक 14 महीने में
चांदी की कीमत पिछले कुछ समय में बहुत तेजी से बढ़ी है। इसे एक लाख से बढ़कर दो लाख रुपये तक पहुंचने में 14 महीने का समय लगा। अक्टूबर 2024 में चांदी की कीमत बढ़कर 1 लाख रुपये प्रति किलो हो गई थी। इसके बाद चांदी में जबरदस्त तेजी आती गई। कई दिन ऐसे रहे जब इसमें लगातार बढ़ोतरी देखी गई। करीब 12 महीने बाद यानी दिसंबर 2025 में यह बढ़कर प्रति किलो 2 लाख रुपये के आंकड़े पर पहुंच गई।
2 से 3 लाख तक लगा सिर्फ एक महीना
चांदी को 1 से 2 लाख रुपये तक पहुंचने में बेशक 14 महीने का समय लगा हो, लेकिन 2 लाख से 3 लाख तक पहुंचने ने इसे सिर्फ एक महीना ही लगा। एमसीएक्स पर दिसंबर 2025 में चांदी की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलो हो गई थी। वहीं यह कल यानी 19 जनवरी को 3 लाख रुपये के आंकड़े पर पहुंच गई। ऐसे में इसे 2 लाख से 3 लाख रुपये के आंकड़े तक पहुंचने में करीब एक महीने का ही समय लगा।
क्यों आ रही चांदी में तेजी?
- चांदी में तेजी की सबसे बड़ा कारण वैश्विक तनाव और इसकी इंडस्ट्री में बढ़ती डिमांड है।
- अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक विवाद बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।
- बाजारों में इस बात की भी चर्चा है कि ट्रंप प्रशासन फेडरल रिजर्व के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
- अमेरिका द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदों के कारण भी चांदी की कीमत में तेजी देखी गई।
- चांदी का इस्तेमाल सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में होता है।
- इसकी सप्लाई काफी कम हुई है। बढ़ती मांग और कम होती सप्लाई के कारण भी इसमें तेजी देखी गई है।
आगे गिर सकती है कीमत
चांदी की कीमत में आगे कुछ गिरावट आ सकती है। हाल की एक Augmont रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि व्यापारी कुछ मुनाफावसूली और 84 डॉलर प्रति औंस या 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट देख सकते हैं। इसके बाद कीमतें फिर से बढ़ेंगी। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि तेजी से हो रही वृद्धि से मुनाफावसूली हो सकती है। लेकिन ज्यादातर का मानना है कि आपूर्ति की लगातार चिंताएं और बढ़ती औद्योगिक खपत के बीच कीमती धातुओं का व्यापक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है।














