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  • ट्रंप ने नक्‍शा जारी कर कनाडा, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को बताया अमेरिका का हिस्सा, फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति की निजी चैट पोस्‍ट की

    वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति ने ठान लिया है कि वो दुनिया की राजनीति में उथल-पुथल मचाते रहेंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने नया मानचित्र जारी किया है, जिसमें कनाडा, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बताया गया है। ये काफी विचित्र है और अमेरिका की विदेश नीति पर गंभीर सवाल करता है। ट्रंप, कनाडा को लगातार


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    By Azad Hind Desk जनवरी 20, 2026
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    वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति ने ठान लिया है कि वो दुनिया की राजनीति में उथल-पुथल मचाते रहेंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने नया मानचित्र जारी किया है, जिसमें कनाडा, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बताया गया है। ये काफी विचित्र है और अमेरिका की विदेश नीति पर गंभीर सवाल करता है। ट्रंप, कनाडा को लगातार अमेरिका का 51वां राज्य बताते रहे हैं। जब जस्टिन ट्रूडो प्रधानमंत्री थे, उस वक्त ट्रंप ने उनके मुंह पर कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बताया था। वहीं अब कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बताना उनके कनाडा के मौजूदा प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के चीन दौरे को लेकर नाराजगी को जाहिर करता है। मार्क कार्नी ने पिछले हफ्ते बीजिंग का दौरा किया था और उन्होंने चीन के साथ नये सिरे से संबंध बनाने की घोषणा की है।

    राष्ट्रपति बनते ही डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के ऊपर भारी भरकम टैरिफ थोप दिया था। कनाडा, जिसकी अर्थव्यवस्था पिछले कुछ सालों से संघर्ष करती रही है, वो अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने के लिए नये भागीदारों की तलाश कर रहा है। इसीलिए उसने खालिस्तानियों को अपने कंधे से उतारकर भारत के साथ भी रिश्ते को सुधारा है। भारत और कनाडा के बीच ट्रेड डील पर बात चल रही है। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को अमेरिका का हिस्सा बताया है। उनके आदेश पर इसी महीने की शुरूआत में वेनेजुएला पर हमला किया गया था और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का निजी मैसेज भी सोशल मीडिया पर जारी कर दिया है, जो डिप्लोमेसी का सरासर उल्लंघन है। इस मैसेज में फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ग्रीनलैंड और ईरान को लेकर बात कर रहे हैं।

    डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का नया नक्शा जारी किया
    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth पर ये नया मानचित्र जारी किया है। इसमें कनाडा और वेनेजुएला के अलावा ग्रीनलैंड भी है, जिससे छीनने की धमकी वो लगातार दे रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप बार बार कह रहे हैं कि चीन और रूस के खतरे से बचाने के लिए ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। इसके लिए ट्रंप लगातार अपनी दबाव वाली राजनीति का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने धमकी दी है कि जो यूरोपीय देश ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करने की उनकी मांग का विरोध करेंगे, उन पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जाएगा।

    दूसरी तरफ यूरोपीय देश ग्रीनलैंड की संप्रभुता के समर्थन में एकजुट हो रहे हैं। बीबीसी के मुताबिक, डेनमार्क के विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस अर्ध-स्वायत्त डेनिश क्षेत्र पर मालिकाना हक के लिए धमकी नहीं दे सकते। जबकि ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने ब्रिटेन की स्थिति को दोहराया कि ग्रीनलैंड का भविष्य “सिर्फ ग्रीनलैंड के लोगों और डेनमार्क के लोगों” को तय करना है। सोमवार को एक बार फिर से ट्रंप ने बल प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया और ज़ोर देकर कहा कि वह ब्रिटेन और सात अन्य नाटो-सहयोगी देशों से अमेरिका आने वाले सामानों पर धमकी दिए गए (100 प्रतिशत) टैरिफ को लागू करेंगे।

    यूरोपीय देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाएंगे ट्रंप
    डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह 1 फरवरी से अमेरिका भेजे जाने वाले “सभी सामानों” पर ब्रिटेन से 10% टैरिफ वसूल करेंगे, जो 1 जून से बढ़कर 25% हो जाएगा। इसके अलावा जब तक कि वाशिंगटन डेनमार्क से ग्रीनलैंड खरीदने के लिए कोई डील नहीं कर लेता, तब तक ये टैरिफ लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि यही बात डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फिनलैंड पर भी लागू होगी। ये सभी देश NATO के सदस्य हैं, जिसकी स्थापना 1949 में हुई थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह टैरिफ की धमकी पर अमल करेंगे, तो डोनाल्ड ट्रंप ने NBC न्यूज से कहा कि “मैं जरूर करूंगा, 100%।”

    ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति का निजी जो मैसेज शेयर किया उसमें राष्ट्रपति मैक्रों ने लिखा है कि “मेरे दोस्त, हमलोग सीरिया को लेकर एक ही लाइन पर हैं। हम ईरान को लेकर अच्छी चीजें कर सकते हैं। लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आप ग्रीनलैंड को लेकर क्या करने जा रहे हैं? लेकिन हम मिलकर कुछ अच्छे काम कर सकते हैं। 1- मैं दावोस के बाद गुरुवार को G7 की एक बैठक आयोजित कर सकता हूं। मैं उसमें यूक्रेनियन को आमंत्रित कर सकता हूं, डेनमार्क, सीरिया और रूसियों को भी आमंत्रित कर सकता हूं। आइये हम साथ मिलकर गुरुवार को पेरिस में डिनर करते हैं।”

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