सोने और चांदी की कीमत में तेजी की वजह अमेरिका और यूरोप के बीच संभावित व्यापार युद्ध की आशंकाओं का बढ़ना है। इन आशंकाओं के चलते निवेशक सुरक्षित माने जाने वाली संपत्तियों की ओर भागे। यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ की धमकियों के बाद आई। यूरोपीय देशों ने ट्रंप के ग्रीनलैंड को खरीदने के प्रस्ताव का विरोध किया था। इसी विरोध के चलते ट्रंप ने टैरिफ लगाने की बात कही। इस घटनाक्रम ने दुनिया भर में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
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इंटरनेशनल मार्केट में क्या स्थिति?
इंटरनेशनल मार्केट में COMEX चांदी की कीमतें एशियाई कारोबार के दौरान 94.74 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नए स्तर पर पहुंच गईं। वहीं, सोना भी रिकॉर्ड स्तर के करीब 4,670 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बना रहा। एएफपी के अनुसार, एशियाई कारोबार में चांदी 94.73 डॉलर पर पहुंच गई, जबकि सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड शिखर के ठीक नीचे बनी रहीं। वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति तेज हो गई है।
आगे क्या और बढ़ेगी कीमत?
आगे की चाल के बारे में बात करते हुए पृथ्वी फिनमार्ट के मनोज कुमार जैन ने कहा कि कीमती धातुओं में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, लेकिन उनके मजबूत बने रहने की उम्मीद है। जैन ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि चांदी के 84 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के प्रमुख समर्थन स्तर को बनाए रखने की उम्मीद है, जबकि सोने के 4,440 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के समर्थन स्तर पर बने रहने की संभावना है।













