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  • Russian Oil: तेल पर अमेरिकी बैन से रूस को झटका, 46% गिर सकती है कमाई, भारत ने भी कम की खरीदारी

    नई दिल्ली: अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने रूसी तेल पर बैन लगा दिया है। इस कारण रूस से तेल का निर्यात काफी कम हो गया है। यह पिछले चार महीनों में सबसे कम है। इसकी वजह यह है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। दिसंबर में भारत ने पिछले तीन


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    By Azad Hind Desk जनवरी 21, 2026
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    नई दिल्ली: अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने रूसी तेल पर बैन लगा दिया है। इस कारण रूस से तेल का निर्यात काफी कम हो गया है। यह पिछले चार महीनों में सबसे कम है। इसकी वजह यह है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। दिसंबर में भारत ने पिछले तीन सालों से भी कम तेल खरीदा है। रूसी तेल और गैस की सप्लाई कम होने से रूस को बड़ा झटका लगने वाला है। रॉयटर्स के मुताबिक सप्लाई में कमी से रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई इस जनवरी में 46% तक गिर सकती है।

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक 18 जनवरी को खत्म हुए चार हफ्तों में रूस ने हर दिन औसतन 31.6 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा। यह पिछले साल अगस्त के बाद से सबसे कम निर्यात है। क्रिसमस से पहले के मुकाबले यह निर्यात हर दिन करीब 7 लाख बैरल कम है। वहीं 11 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते के मुकाबले यह 2.6 लाख बैरल हर दिन कम है।
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    रूस को तेल भेजने में आ रही परेशानी

    रूस को अपने तेल को खरीदारों तक पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। भारत रूस का एक बड़ा खरीदार है, लेकिन उसने भी तेल खरीदना काफी कम कर दिया है। दिसंबर में भारत का रूस से तेल आयात पिछले तीन सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। यह स्थिति रूस के लिए चिंताजनक है क्योंकि तेल निर्यात उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत जैसे बड़े खरीदारों के कम खरीदने से रूस की कमाई पर असर पड़ रहा है।

    रूस की कमाई पर कितना असर?

    रूस को तेल निर्यात से मिलने वाले पैसों में लगातार चौथे हफ्ते गिरावट आई है और यह एक नए स्तर पर पहुंच गया है। जनवरी में रूस को तेल और गैस से 420 अरब रूबल (करीब 490 अरब रुपये) की कमाई होगी। इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें कम होना और रूस की स्थानीय मुद्रा रूबल का मजबूत होना है। दिसंबर 2025 में रूबल पिछले साल के मुकाबले 30% से ज्यादा मजबूत हुआ। इससे टैक्स के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल की रूबल में कीमत 53% तक कम हो गई।

    बजट में तेल और गैस की बड़ी हिस्सेदारी

    रूस के कुल बजट का लगभग 25% हिस्सा तेल और गैस इंडस्ट्री से आता है। इस साल रूस के संघीय बजट का तेल और गैस इंडस्ट्री से करीब 8.96 ट्रिलियन रूबल की कमाई होने की उम्मीद है। यह पिछले साल की 8.48 ट्रिलियन रूबल की कमाई से ज्यादा है। हालांकि, पिछले साल की कमाई उससे पिछले साल के मुकाबले 24% कम थी।

    इसके बाद से कीमतों में और गिरावट आई है। इसकी एक बड़ी वजह नवंबर में अमेरिका द्वारा लगाए गए बैन हैं। इन प्रतिबंधों ने रूस के दो सबसे बड़े कच्चे तेल निर्यातकों और उनके खरीदारों को सीधे तौर पर निशाना बनाया था। इसके चलते भारत में रोसनेफ्ट और लुकोइल के ग्राहक दूसरी एनर्जी ट्रेडिंग कंपनियों और दूसरे देशों की ओर मुड़ गए हैं। हालांकि, भारत को होने वाली तेल की आपूर्ति में उतनी बड़ी गिरावट नहीं आई है, जितनी उम्मीद थी।

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