ट्रंप ने ग्रीनलैंड में अमेरिकी जीत का जिक्र किया
ट्रंप ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ग्रीनलैंड पर अमेरिका की जीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी, इटली और जापान से डेनमार्क हार गया था। यूरोप का कोई भी देश बचाने को आगे नहीं आया। तब अमेरिका ने मोर्चा संभाला और ग्रीनलैंड में जीत पाई। लेकिन, अमेरिका कितना मूर्ख था कि उसे वापस डेनमार्क को सौंप दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड को अपने पास रखना चाहिए था।
ग्रीनलैंड पर हमला नहीं करेगा अमेरिका
ट्रंप ने आगे कहा कि ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों के लिए बहुत सम्मान है। उन्होंने ग्रीनलैंड में सेना के इस्तेमाल की अटकलों को भी खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा, मुझे बल प्रयोग करने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने आगे कहा ,”जब तक मैं अत्यधिक बल प्रयोग करने का फैसला नहीं करता, हमें कुछ नहीं मिलेगा, हम अजेय होंगे, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा, “मुझे बल प्रयोग करने की जरूरत नहीं है, मैं बल प्रयोग नहीं करना चाहता, मैं बल प्रयोग नहीं करूगा।” उन्होंने कहा कि अमेरिका बस “ग्रीनलैंड नाम की एक जगह” चाहता है।
ग्रीनलैंड पर तुरंत बातचीत की मांग की
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति लगभग दो सदियों से ग्रीनलैंड को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि द्वीप पर डेनमार्क का “कोई निशान नहीं” है, और डेनमार्क ग्रीनलैंड पर वादे से कम पैसा खर्च कर रहा है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ अमेरिका ही है जो जमीन के इस विशाल टुकड़े, बरफ़ के इस विशाल टुकड़े की रक्षा कर सकता है, इसे विकसित कर सकता है और इसमें सुधार कर सकता है।” उन्होंने कहा कि इसीलिए वह देश को हासिल करने के लिए “तत्काल बातचीत” की मांग कर रहे हैं।












