‘जन नायकन’ के मेकर्स KVN प्रोडक्शंस ने अदालत को बताया कि फिल्म के स्ट्रीमिंग पार्टनर Amazon Prime Video ने उन्हें चेतावनी दी है। रिलीज डेट को लेकर अनिश्चितता के कारण ओटीटी प्लेटफॉर्म अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। मेकर्स ने यह खुलासा 20 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान किया गया।
प्रोड्यूसर्स का दावा, सेंसर बोर्ड के कट्स और फिर इनकार
प्रोड्यूसर्स का दावा है कि विजय की राजनीति में पूरी तरह से आने से पहले यह उनकी आखिरी फिल्म, ‘जन नायकन’, पोंगल के मौके पर 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी। इसे 18 दिसंबर को ही सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को सौंपा गया। शुरुआती स्क्रीनिंग के बाद रिव्यू कमेटी ने कथित तौर पर 27 कट लगाए। मेकर्स ने बदलाव किए और फिल्म का एडिटेड वर्जन 22 दिसंबर को CBFC में जमा किया। पहले सेंसर बोर्ड ने इन कट्स के साथ U/A सर्टिफिकेट की बात कही थी। लेकिन फिर अचानक सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया गया।
मेकर्स बोले- हम भारी मन से यह बता रहे हैं
मेकर्स ने एक बयान में कहा, ‘भारी मन से हम अपने सम्मानित स्टेकहोल्डर्स और दर्शकों के साथ यह अपडेट शेयर कर रहे हैं। 9 जनवरी को बेसब्री से इंतजार की जा रही ‘जन नायकन’ की रिलीज डेट को हमारे नियंत्रण से बाहर है और अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण टाल दिया गया है।’ प्रोड्यूसर्स ने आरोप लगाया कि उन्होंने कोर्ट का रुख इसलिए किया, क्योंकि 25 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच CBFC की ओर से कोई ‘कम्युनिकेशन’ नहीं हुआ, जबकि अपडेट के लिए कई बार रिक्वेस्ट की गई थी।
OTT प्लेटफॉर्म ने दी मुकदमा करने की चेतावनी
‘लाइव लॉ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोड्यूसर्स ने खुलासा किया कि OTT स्ट्रीमर ने उन्हें बताया था कि अगर रिलीज डेट अनिश्चित रहती है, तो संभावित मुकदमा किया जा सकता है। KVN प्रोडक्शंस की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सतीश पारासरन ने अदालत में तर्क दिया कि एक औपचारिक ‘आदेश’ के बजाय केवल एक ‘कम्युनिकेशन’ दिया गया था, जिसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती थी, जिससे उनके पास फैसले को चुनौती देने के लिए कोई स्पष्ट कानूनी उपाय नहीं बचा था।
CBFC ने रिलीज डेट पर सवाल उठाया, मेकर्स की जुबान पर ‘धुरंधर 2’
हालांकि, CBFC की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने पूछा कि सर्टिफिकेशन मिलने से पहले रिलीज डेट की घोषणा क्यों की गई। इस पर ‘जन नायकन‘ के प्रोड्यूसर्स ने ‘धुरंधर 2’ का उदाहरण दिया और तर्क दिया कि सर्टिफिकेट क्लियरेंस से पहले रिलीज डेट की घोषणा करना आम बात है। चीफ जस्टिस ने याचिका की अर्जेंसी की जांच की और कहा कि ऐसे मामलों में जल्द सुनवाई करने से ‘एक मिसाल कायम हो सकती है।’
‘रिव्यू कमेटी का ही सदस्य बाद में कैसे दे सकता है शिकायत’
अदालत में प्रोड्यूसर्स ने तर्क दिया कि सेंसर बोर्ड के रिव्यू कमेटी के एक सदस्य ने ही शिकायतकर्ता के तौर पर काम किया। उन्होंने पहले आपत्ति नहीं जताई। फिर यह शिकायत दे दी कि फिल्म के कुछ सीन ‘भावनाओं को भड़काने’ वाले हैं। यह कैसे संभव है, जबकि उसी सदस्य को पहले फिल्म को सर्टिफिकेशन देने पर कोई आपत्ति नहीं थी। इस पर ASG ने कोर्ट को बताया कि वह CBFC के मुंबई रीजनल ऑफिस से मिले रिकॉर्ड और शिकायत वाले सीलबंद लिफाफे के साथ ‘तैयार होकर आए थे’। शिकायत के अनुसार, ‘जन नायकन’ में कुछ सीन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं और इसमें सशस्त्र बलों का आपत्तिजनक चित्रण भी है।
जन नायकन रिलीज: अब मद्रास हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार
मद्रास हाई कोर्ट ने 20 जनवरी को CBFC द्वारा एक सिंगल जज के आदेश के खिलाफ दायर रिट अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया था। अब इंतजार मद्रास हाई कोर्ट के डिविजन बेंच के फैसले का है, जिसके बाद ही रिलीज पर अंतरिम रोक हटेगी।













