ऐपल को अब आई सिरी की सुध
दुनिया की बड़ी टेक दिग्गज, ऐपल बाकियों से एक कदम आगे चलती है। तमाम फोन कंपनियां उसके आईफोन डिजाइन, सॉफ्टवेयर को फॉलो करती हैं। लेकिन एआई के मामले में ऐपल की चाल सुस्त है और गूगल, ओपनएआई, एक्सएआई जैसी कंपनियों से वह पीछे है। खबर आई है कि कंपनी अपने वॉइस असिस्टेंट सिरी को एआई चैटबॉट में बदलने की तैयारी कर रही है। बदलाव के तहत सिरी में नई खूबियों को जोड़ा जाएगा। इस साल की दूसरी छमाही में सिरी का नया अवतार पेश हो सकता है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी कैंपोस (Campos) कोडनेम वाले प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इसका मकसद सिरी को एक AI चैटबॉट में बदलना है। बताया जाता है कि सिरी चैटबॉट को आईफोन्स, आईपैड और मैक आदि के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा।
क्या खास होगा नए सिरी में
- लोग सिरी के साथ वन टू वन बातचीत कर पाएंगे।
- सिरी की मदद से इमेज जेरनेशन किया जा सकेगा।
- स्क्रीन पर दिखने वाली दो फोटो के बारे में भी सिरी से पूछा जा सकेगा।
- वॉइस और टेक्स्ट दोनों में सिरी सपोर्ट करेगा।
- सिरी के जवाब देने का अंदाज भी आम बोलचाल वाली भाषा में होगा।
- यूजर के थोड़ा बताने पर सिरी उसके फोटो ऐप से फोटो ढूंढ देगा।
पुलिस के पास होगा जासूसी सॉफ्टेवयर
आयरलैंड में बहुत जल्द पुलिस को जासूसी सॉफ्टेवयर इस्तेमाल करने की मंजूरी मिल सकती है। इसके लिए नया कानून लाये जाने की तैयारी है। इससे सरकार, आम लोगों पर अधिक निगरानी रख पाएगी। टेक क्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, आयरलैंड की सरकार का तर्क है कि गंभीर अपराधों और सिक्योरिटी से जुड़े खतरों से निपटने के लिए जासूसी सॉफ्टवेयर जैसे लॉफुल इंटरसेप्शन की सख्त जरूरत है। हालांकि सरकार सुनिश्चित करेगी कि इसका इस्तेमाल बहुत जरूरत पड़ने पर ही किया जाए। पिछले कुछ वर्षों से यूरोप में जासूसी सॉफ्टेवयर का इस्तेमाल बढ़ा है। ग्रीस, हंगरी, पोलैंड, इटली आदि से ऐसी खबरें आती रही हैं।
चोरी की किताबों से एआई को ट्रेनिंग? Nvidia पर गंभीर आरोप
दिग्गज कंपनी एनवीडिया पर आरोप लगे हैं कि उसने अपने एआई मॉडल को ट्रेनिंग देने के लिए ऑनलाइन शैडो लाइब्रेरी से चोरी किताबों और कॉपीराइट कंटेंट का इस्तेमाल किया। यह मामला कोर्ट में है। डॉक्युमेंट्स से खुलासा हुआ है कि ऐसा करने के लिए कंपनी के बड़े अधिकारियों ने मंजूरी दी थी।
TorrentFreak की रिपोर्ट के अनुसार, जिस शैडो लाइब्रेरी काे इस्तेमाल किया गया, उसका नाम ‘एना आर्काइव’ है। बताया जाता है कि एनवीडिया पर यह केस, राइटर्स ने दायर किया है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब किसी कंपनी पर इस तरह के आराेप लगे हैं। इससे पहले मेटा और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों पर भी किताबों की डिजिटल कॉपी चुराकर अपने एआई मॉडल को ट्रेनिंग देने के आरोप दायर किए गए हैं। एनवीडिया पर लगा आरोप इसलिए अलग है, क्योंकि जिस एना आर्काइव का नाम सामने आ रहा है, वह पाइरेसी में भी शामिल रहा है।
शॉर्ट्स में डाल पाएंगे फोटोज, Youtube के नए प्लान
यूट्यूब पर कई नए फीचर्स को लाने की तैयारी की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी अब क्रिएटर्स, एआई और टीवी एक्सपीरियंस पर फोकस कर रही है। यूट्यूब सीईओ नील मोहन ने इस प्लेटफॉर्म को संस्कृति का केंद्र बताया है। नील ने उन क्रिएटर्स की बात की है जो किसी बड़े स्टूडियो की तरह प्रोडक्शन करके दर्शकों के लिए शो बना रहे हैं। शॉर्ट्स को रोजाना 200 अरब से ज्यादा बार देखा जा रहा है। बहुत जल्द शॉर्ट्स में फोटो पोस्ट का ऑप्शन मिल सकता है। इसके अलावा, यूट्यूब को टीवी में प्रमुख ऐप के तौर पर देखा जाए, इस पर भी काम चल रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट 365 डाउन
दुनियाभर के हजारों यूजर्स के लिए गुरुवार को माइक्रोसॉफ्ट 365 डाउन रहा। लोग इसकी सर्विसेज को इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। माइक्रोसॉफ्ट ने भी इस समस्या को माना और कहा कि वह ठीक करने में जुटे हैं।
मोटोराेला सिग्नेचर की भारत में लॉन्चिंग
शुक्रवार को मोटोरोला भारत में अपना पहला सिग्नेचर स्मार्टफोन लॉन्च कर रही है। यूरोप में इस डिवाइस को पहले ही पेश किया जा चुका है। सिग्नेचर को प्रीमियम स्मार्टफोन चाहने वाले यूजर्स के लिए लाया जाएगा। हालांकि लोग इस फोन को कितना पसंद करेंगे, यह बड़ा सवाल है।














