• National
  • भगदड़ रोकने के नियम बनाने से सुप्रीम कोर्ट का साफ इनकार, जानें क्यों?

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका (PIL) पर दिशानिर्देश जारी करने से इनकार कर दिया, जिसमें धार्मिक आयोजनों, राजनीतिक रैलियों और यात्राओं सहित बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक निर्देश मांगे गए थे। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली बेंच ने याचिकाकर्ता को


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 23, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका (PIL) पर दिशानिर्देश जारी करने से इनकार कर दिया, जिसमें धार्मिक आयोजनों, राजनीतिक रैलियों और यात्राओं सहित बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक निर्देश मांगे गए थे। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली बेंच ने याचिकाकर्ता को यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग के सामने उठाने की अनुमति दी।

    कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी

    अदालत ने कहा कि यह मुद्दा ऐसे सार्वजनिक आयोजनों और जमावड़ों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को लेकर राज्यों और केंद्र सरकार के दायित्व से जुड़ा है। बेंच ने कहा कि इस प्रकार ये निर्देश एक नीति के निर्माण से संबंधित हैं, जिसके लिए कानून-व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसियों के क्षेत्र के विशेषज्ञ अधिक उपयुक्त हैं।

    50 हजार लोग पहुंच जाएं तो क्या करेंगे?

    याचिकाकर्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी उन नीति मामलों में हस्तक्षेप किया है, जहां कमजोर वर्गों के जीवन दांव पर लगे हों। चीफ जस्टिस ने कहा, मान लीजिए लोग मौलिक अधिकार का प्रयोग करते हुए दिल्ली में धरना देना चाहते हैं। हम इसे इस तरह नियंत्रित कर सकते हैं कि किसी को परेशानी न हो और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी सुरक्षित रहे। लेकिन अगर चेन्नै में रैली होनी है, मैदान की क्षमता 10,000 की है। और वहां 50,000 लोग आ जाएं, तो फिर हम क्या करेंगे?

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।