कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी
अदालत ने कहा कि यह मुद्दा ऐसे सार्वजनिक आयोजनों और जमावड़ों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को लेकर राज्यों और केंद्र सरकार के दायित्व से जुड़ा है। बेंच ने कहा कि इस प्रकार ये निर्देश एक नीति के निर्माण से संबंधित हैं, जिसके लिए कानून-व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसियों के क्षेत्र के विशेषज्ञ अधिक उपयुक्त हैं।
50 हजार लोग पहुंच जाएं तो क्या करेंगे?
याचिकाकर्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी उन नीति मामलों में हस्तक्षेप किया है, जहां कमजोर वर्गों के जीवन दांव पर लगे हों। चीफ जस्टिस ने कहा, मान लीजिए लोग मौलिक अधिकार का प्रयोग करते हुए दिल्ली में धरना देना चाहते हैं। हम इसे इस तरह नियंत्रित कर सकते हैं कि किसी को परेशानी न हो और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी सुरक्षित रहे। लेकिन अगर चेन्नै में रैली होनी है, मैदान की क्षमता 10,000 की है। और वहां 50,000 लोग आ जाएं, तो फिर हम क्या करेंगे?















