‘रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिष्ठा को ठेस’
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री महात्मा गांधी से जुड़ी यादों और विरासत को व्यवस्थित तरीके से ध्वस्त कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से पीएम मोदी पर यह हमला नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर की गई है। रमेश ने एक्स पर लिखा है,’पिछले महीने संसद में राष्ट्रगीत पर चर्चा के दौरान, जिसने पीएम और उनके सहयोगियों को बुरी तरह से असहज और बेनकाब कर दिया, राष्ट्रगान के इतिहास को भी विकृत करने की कोशिश की गई थी, जिससे गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।’
‘नेताजी ने भी ‘ जन गण मन ‘ राष्ट्रगान चुना’
नेताजी की जयंती को जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 1937 में नेताजी ने वंदे मातरम् के बाद के छंदों को लेकर हुए विवादों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री ने इसे जानबूझ कर छिपा दिया। कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी दावा किया है कि नेताजी के प्रपौत्र और इतिहासकार सुगाता बोस ने भी अपनी किताब में लिखा है कि नेताजी ने बर्लिन में एक कार्यक्रम में 2 नवंबर, 1942 को राष्ट्रगान के रूप में ‘जन गण मन’ के रूप में चुना।
‘महात्मा गांधी की विरासत को मिटा रहे’
कांग्रेस नेता का आरोप है कि नेताजी ने आजाद हिंद सरकार के लिए जय हिंद का नारा अपनाया, लेकिन पीएम मोदी और भारतीय जनता पार्टी उसका कभी इस्तेमाल नहीं करती। उनका कहना है कि नेताजी ने ही महात्मा गांधी को पहली बार राष्ट्रपिता कहा, लेकिन प्रधानमंत्री उनकी यादों और विरासत को भी व्यवस्थित तौर पर मिटाने में लगे हैं, जिसका उदाहरण है मनरेगा।
‘भारत के सबसे बड़े इतिहास-विकृतकर्ता’
आखिर में जयराम रमेश ने लिखा है, “प्रधानमंत्री भारत के सबसे बड़े इतिहास-विकृतकर्ता (जिसे अंग्रेज में उन्होंने डिस्टोरियन कहा है) हैं। शायद पूरे एंटायर पॉलिटिकल साइंस में इसी की पढ़ाई होती थी।” इस पोस्ट के साथ उन्होंने सुगाता बोस की किताब ‘द नेशन एज मदर एंड अदर विजंस ऑफ नेशनहूड’ की तस्वीर भी शेयर की है।















