आम लोगों को रेलवे से उम्मीद है कि रेलवे अपनी प्रीमियम ट्रेनों के साथ ही लोकल ट्रेनों को भी समय से चलाएगा। इसके अलावा रेलवे में एक बड़ी समस्या ट्रेनों के गंदा होने, खाना-पीने की क्वॉलिटी अच्छी ना होने, ट्रेनों में पानी की बोतलों और अन्य चीजें खरीदने पर उनका एमआरपी से अधिक पैसा वसूलने, गंदे टॉयलेट और उनमें पानी खत्म होने समेत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के साथ होने वाली चोरी-चकारी और यदा-कदा होने वाली टक्करों को रोकने जैसे कदमों पर भी रेलवे को बड़े स्तर पर अभी भी काम करना होगा।
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रिफॉर्म ईयर
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साल 2026 को रेलवे के लिए रिफॉर्म ईयर बताया है। पिछले दिनों रेल मंत्री वैष्णव ने यह कहा भी था कि साल 2026 के 52 सप्ताह में हम 52 रिफॉर्म करेंगे। रेलवे की चेन्नै स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री से रिटायर्ड जीएम सुधांशु मणि का कहना है कि पहले कॉमन मैन की जेब, हितों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे का बजट बनाया जाता था। लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं है। सरकार रेलवे के बजट में पिछले कुछ साल से कुछ इजाफा नहीं कर रही है। मणि का कहना है कि प्रीमियम ट्रेन जरूर दीजिए, लेकिन आम लोगों की जेब और जरूरतों का भी ख्याल रखिए।














