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  • रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत से 25% टैरिफ हटा सकता है अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री ने दिया बड़ा संकेत

    वॉशिंगटन: अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ हटाने के संकेत दिए हैं। बेसेंट ने भारत पर लगाए गये 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ को बड़ी कामयाबी बताया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ की वजह से भारत ने रूसी तेल खरीदने में बड़ी


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    By Azad Hind Desk जनवरी 24, 2026
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    वॉशिंगटन: अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ हटाने के संकेत दिए हैं। बेसेंट ने भारत पर लगाए गये 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ को बड़ी कामयाबी बताया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ की वजह से भारत ने रूसी तेल खरीदने में बड़ी कमी की है, जिससे टैरिफ हटने का रास्ता बनता है। स्कॉट बेसेंट का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत रूसी कच्चे तेल की खरीद में काफी कमी कर रहा है और चल रहे जियोपॉलिटिकल और ट्रेड दबावों के बीच अपने एनर्जी सोर्स में विविधता ला रहा है। हालांकि रिपोर्ट्स से पता चलता है कि नवंबर महीने में भारत ने रूसी तेल की खरीददारी बढ़ा दी थी।

    अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ताजा टिप्पणी से पता चलता है कि अमेरिका, भारत पर लगाए गये 25 प्रतिशत टैरिफ में कमी ला सकता है। हालांकि ये कमी किस तरह का होगा, कितना होगा, फिलहाल इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है, जिसमें 25 प्रतिशत टैरिफ रूसी तेल के आयात को लेकर है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बेसेंट की टिप्पणी एक रणनीतिक बदलाव की ओर इशारा करती है। क्योंकि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार समझौता होने वाला है और अमेरिका के लिए इसे दोहरा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका भारत से ट्रे़ड डील नहीं कर पाया है और यूरोप के साथ उसके रिश्ते लगातार खराब हो रहे हैं।

    भारत से 25 प्रतिशत टैरिफ हटा सकता है अमेरिका
    स्कॉट बेसेंट ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि “अमेरिका, भारत के रूसी तेल खरीदने पर लगाए गए 25% टैरिफ को “हटाने का रास्ता” देख रहा है।” वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मौके पर बोलते हुए बेसेंट ने कहा कि “टैरिफ का मकसद, भारत की रूसी ऊर्जा पर निर्भरता को कम करना था और ये मकसद पूरा हो रहा है।” उन्होंने कहा कि “भारतीय रिफाइनरियों की तरफ से रूसी तेल की खरीद “बहुत कम हो गई है” और इस उन्होंने इस नतीजे को ट्रंप प्रशासन की पॉलिसी की कामयाबी बताया।” हालांकि अभी भी भारत पर अमेरिका का 50 प्रतिशत टैरिफ लागू है और इसे कब हटाया जाएगा, इसकी शर्तें क्या हो सकती हैं, फिलहाल इसके बारे में कुछ भी साफ नहीं है।

    रूस से तेल खरीदना भारतीय कंपनियों ने कम किया
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत की तेल कंपनियों ने रूसी तेल खरीदना काफी कम कर दिया है। दो पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियां, और एक प्राइवेट रिफाइनर, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और रूस समर्थित नायरा एनर्जी ने ही जनवरी में मॉस्को से तेल खरीदा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL), जो रूसी तेल का सबसे बड़ा भारतीय खरीदार है, उसने 2026 में खरीदारी रोक दी है। मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) नवंबर से रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के जॉइंट वेंचर HMEL (HPCL-मित्तल एनर्जी लिमिटेड) ने दिसंबर में सिर्फ एक शिपमेंट ही रूसी तेल मंगाया। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने भी दिसंबर और जनवरी में रूस से कच्चे तेल की कोई खरीदारी नहीं की।

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