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  • इंडोनेशिया में भूस्खलन से तबाही, मलबे में दब गया गांव, अब तक 7 लोगों की मौत, 82 लापता

    जकार्ता: इंडोनेशिया में एक बार फिर से भूस्खलन ने तबाही मचाई है। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को जारी अपने बयान में बताया है कि इंडोनेशिया के वेस्ट जावा प्रांत में भूस्खलन के चलते कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। वहीं 82 लोग अभी लापता हैं, ऐसे में मरने


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    By Azad Hind Desk जनवरी 24, 2026
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    जकार्ता: इंडोनेशिया में एक बार फिर से भूस्खलन ने तबाही मचाई है। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को जारी अपने बयान में बताया है कि इंडोनेशिया के वेस्ट जावा प्रांत में भूस्खलन के चलते कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। वहीं 82 लोग अभी लापता हैं, ऐसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ने का अंदेशा है। भूस्खलन से बड़े पैमाने पर घर और सड़कें ढही हैं। ऐसे में राहत और बचाव के काम में लगे कर्मियों को मुश्किल आ रही है। इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी ने शुक्रवार से शुरू होकर एक हफ्ते तक वेस्ट जावा प्रांत में भारी बारिश सहित खराब मौसम की चेतावनी दी है।

    एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि भूस्खलन वेस्ट बांडुंग क्षेत्र के एक गांव में हुआ। इससे गांव का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। इलाके में भारी बारिश हो रही है, जिसने स्थिति को बद से बदतर बना दिया है। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि लापता लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है। ऐसे में हम खोज और बचाव प्रयासों को तेज कर रहे हैं।

    बीते साल भी मची थी तबाई

    इंडोनेशिया में बीते साल के आखिरी महीनों में विनाशकारी बाढ़ और भूस्‍खलन ने एक हजार से ज्यादा लोगों की जान ली थी और करोड़ों का आर्थिक नुकसान किया था। बीते साल दिसंबर में इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में 15 दिन में एक हजार लोग मारे गए थे। वहीं पांच हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस साल के पहले महीने में ही एक बार फिर एक बड़ा आपदा दावा में आई है।

    इंडोनेशिया लगातार तेज भूकंप, जानलेवा बाढ़ और लैंडस्लाइड से जूझता रहता है। बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं से इंडोनेशिया को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर बसा होने की वजह से इंडोनेशिया तेज टेक्टोनिक एक्टिविटी का सामना करता है। इससे यह देश हर साल हजारों भूकंप का सामना करता है।

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