साल 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ फिल्म से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने वाले धर्मेंद्र ने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्हें 1966 में ‘फूल और पत्थर’ फिल्म से पहचान मिली थी। फिर ‘अनुपमा’ में सराहा गया। उनकी हिट फिल्मों में ‘सीता और गीता’, ‘शोले’, ‘यादों की बारात’, ‘चुपके चुपके’ और ‘द बर्निंग ट्रेन’ शामिल है। सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2012 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा था।
5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री
पद्म पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा दिए जाते हैं, जो हर साल मार्च और अप्रैल के आसपास राष्ट्रपति भवन में होते हैं। साल 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कार देने की मंजूरी दी है, जिसमें दो डुओ केस (एक डुओ केस में, अवॉर्ड को एक गिना जाता है) शामिल है। इस लिस्ट में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। अवॉर्ड पाने वालों में से 19 महिलाएं हैं और लिस्ट में विदेशियों/NRI/PIO/OCI कैटेगरी के 6 लोग और 16 मरणोपरांत अवॉर्ड पाने वाले भी शामिल हैं।
पद्म विभूषण- 5
धर्मेंद्र सिंह देओल- आर्ट- महाराष्ट्र (मरणोपरांत)
केटी थोमस- पब्लिक अफेयर्स- केरल
एन राजम- आर्ट- उत्तर प्रदेश
पी नारायणन- लिटरेचर एंड एजुकेशन- केरल
वीएस अच्युतानंदन- पब्लिक अफेयर्स- केरल (मरणोपरांत)
पद्म भूषण- 13
अल्का याग्निक- आर्ट- महाराष्ट्र
भगत सिंह कोशियारी- पब्लिक अफेयर्स- उत्तराखंड
कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी- मेडिसिन- तमिलनाडु
ममूटी- आर्ट- केरल
डॉक्टर नोरी दत्तात्रेयु- मेडिसिन- यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका
पीयूष पांडे (मरणोपरांत)- आर्ट – महाराष्ट्र
एस के एम मैइलानंदन- सोशल वर्क- तमिलनाडु
शतावधानी आर गणेश- आर्ट- कर्नाटक
शिबू सोरेन- पब्लिक अफेयर्स- झारखंड
उदय कोटक- ट्रेड एंड इंडस्ट्री- महाराष्ट्र
वीके मल्होत्रा (मरणोपरांत)- पब्लिक अफेयर्स- दिल्ली
ल्लापल्ली नटेसन- पब्लिक अफेयर्स- केरल
विजय अमृतराज- स्पोर्ट्स- यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका
पद्म श्री- (सिर्फ सिनेमा)
अरविंद वैद्य- आर्ट- गुजरात
गड्डे बाबू राजेंद्र प्रसाद- आर्ट- आंध्र प्रदेश
आर माधवन- आर्ट- महाराष्ट्र
प्रसनजीत चटर्जी- आर्ट- वेस्ट बंगाल
सतीश शाह (मरणोपरांत)- आर्ट- महाराष्ट्र














