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  • अमेरिका-भारत एक कदम और बढ़े आगे, डिफेंस सहयोग को लेकर हुई जरूरी बातचीत

    नई दिल्ली: यूएस सेक्रेटरी ऑफ द आर्मी (अमेरिकी सेना सचिव) डैनियल पी. ड्रिस्कॉल व भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी की एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई है। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, मिलिट्री-टू-मिलिट्री सहभागिता को और गहन करने तथा वैश्विक शांति और


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    By Azad Hind Desk जनवरी 25, 2026
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    नई दिल्ली: यूएस सेक्रेटरी ऑफ द आर्मी (अमेरिकी सेना सचिव) डैनियल पी. ड्रिस्कॉल व भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी की एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई है। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, मिलिट्री-टू-मिलिट्री सहभागिता को और गहन करने तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति दोनों सेनाओं की साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने पर व्यापक चर्चा की गई।

    बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी से संबंधित कई विषयों पर बातचीत की। भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। गौरतलब है कि दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यासों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, पेशेवर आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा आपसी समन्वय को और प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर विशेष जोर देते रहे हैं। अब सेना प्रमुख व अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ द आर्मी की यह मुलाकात दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक एवं रक्षा संबंधों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    दोनों देशों के बीच हो चुका है ऐतिहासिक समझौता

    रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के प्रति समान दृष्टिकोण पर आधारित है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका रक्षा साझेदारी पर एक ऐतिहासिक समझौता भी कर चुके हैं। कुछ महीने पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ से मुलाकात के दौरान 10 वर्षीय ‘फ्रेमवर्क फॉर द यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ पर हस्ताक्षर किए थे।

    पार्टनरशिप फ्रेमवर्क पर किए थे हस्ताक्षर

    रक्षा मंत्री ने कुआलालंपुर में अपने अमेरिकी समकक्ष पीटर हेगसेथ के साथ यह महत्वपूर्ण बैठक व समझौता किया था। इसके तहत दोनों देशों ने 10 वर्षों के लिए ‘यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क’ पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद भारत व अमेरिका के बीच 22वीं मिलिट्री कोऑपरेशन ग्रुप की बैठक भी हुई थी। इस बैठक में इस समझौते से जुड़े विषयों पर आगे की चर्चा हुई। इसमें रक्षा सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और संयुक्त प्रशिक्षण जैसे विषय शामिल थे।

    रक्षा सहयोग मजबूत करने उठाया कदम

    भारत व अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक 3 और 4 नवम्बर को अमेरिका के हवाई में हुई थी। यह भारत–अमेरिका सैन्य सहयोग समूह की 22वीं बैठक थी। यह भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। उस बैठक में सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, उभरती प्रौद्योगिकियों का साझा उपयोग, रक्षा उद्योग सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता जैसे विषय शामिल थे।

    समुद्री सहयोग और मजबूत बनाने पर जोर

    वहीं, बीते दिनों भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी अमेरिका यात्रा पर गए थे। यहां उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षमता निर्माण के नए अवसरों पर भी विचार किया था। एडमिरल त्रिपाठी की इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय नौसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना के बीच पहले से प्रगाढ़ और सुदृढ़ समुद्री साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना था। वहीं, बीते नवंबर महीने में ही भारतीय वायुसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की वायुसेना के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वायु अभ्यास को अंजाम दिया गया था। दोनों देशों के इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य वायु सेनाओं के बीच आपसी समझ, सामरिक सहयोग और अंतरसंचालन क्षमता को बढ़ाना था।

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