AFP की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई तब की गई, जब जहाज ने राष्ट्रीय झंडा नहीं फहराया। इस टैंकर ग्रिंच के इंचार्ज 58 साल के कैप्टन थे। मार्सिले प्रॉसिक्यूटर का ऑफिस इस जांच को संभाल रहा है। ऑफिस की ओर से रविवार को बताया गया है कि बाकी क्रू मेंबर्स को जहाज पर ही रखा गया है। सभी क्रू मेंबर्स भारतीय हैं।
रूस के शैडो फ्लीट से लिंक
ऐसा दावा किया जा रहा है कि ग्रिंच उन टैंकरों के बेड़े का हिस्सा है, जिनमें से ज्यादातर पुराने हैं। इस बेड़े का इस्तेमाल पश्चिमी देशों और G7 की ओर से यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद लगाए गए प्रतिबंधों और कच्चे तेल की कीमत की सीमा का उल्लंघन करते हुए रूसी तेल को ट्रांसपोर्ट करने के लिए किया जाता है।
पश्चिम और अमेरिका का कहना है कि इस तथाकथित शैडो फ्लीट के जहाज अक्सर अपने झंडे बदलते रहते हैं। इस प्रैक्टिस को फ्लैग-हॉपिंग कहा जाता है। कई दफा ये पकड़े जाने और ट्रैक होने से बचने के लिए गलत झंडों के नीचे यात्रा करते हैं। फ्रांस ने भी ग्रिंच को हिरासत में लेने के समय झंडा नहीं होने की बात कही है।
फिलहाल कहां है ये जहाज
फ्रांसीसी नौसेना ने ग्रिंच को दक्षिणी फ्रांस में फोस की खाड़ी तक एस्कॉर्ट किया। एएफपी ने बताया है कि रविवार तक जहाज मार्टिग्स शहर से 500 मीटर दूर लंगर डाले हुए था। फ्रांसीसी नौसेना का एक जहाज और दो जेंडरमेरी गश्ती नावें पास में तैनात थीं। इसके चारों ओर समुद्री और हवाई प्रतिबंधित क्षेत्र बनाए गए हैं।
रूस के शैडो फ्लीट के संदेह में फिलहाल 598 जहाज यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के तहत हैं। 249 मीटर लंबा ग्रिंच रूसी शैडो फ्लीट जहाजों की सूची में है। यूरोपीय संघ और अमेरिका की लिस्ट में इसे कार्ल नाम से रखा गया है। हाल के महीनों में यह ऐसी दूसरी घटना है। बीते साल सितंबर में फ्रांस ने बोराके नाम के जहाज को पकड़ा था, जो बेनिन का झंडा फहराने का दावा कर रहा था।













