मिलिट्री वॉच मैगजीन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस बात की पुष्टि हुई है कि 19-20 जनवरी को पाकिस्तानएयरफोर्स के कई Il-78 हवाई रिफ्यूलिंग विमान चीन के सिचुआन प्रांत के एयरबेस पर उतरे थे। इनको कथित तौर पर पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के लिए सप्लाई लेने भेजा गया था।पाकिस्तान के लिए चीन हथियारों का बड़ा सप्लायर है।
यात्रा से मिलता है खास इशारा
पाकिस्तानी विमानों की चीन यात्रा और उनका कम समय रुकना खास लॉजिस्टिक्स लाने की ओर इशारा करता है। पाकिस्तान का Il-78 सोवियत Il-76 स्ट्रेटेजिक एयरलिफ्टर का एक करीबी वेरिएंट है। ये विमान पाकिस्तान एयरफोर्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सर्विस पूरी तरह से कम रेंज वाले हल्के सिंगल इंजन फाइटर जेट पर निर्भर है क्योंकि हवाई रिफ्यूलिंग उन्हें लंबी दूरी के ऑपरेशन करने की अनुमति देती है।
सिचुआन प्रांत में चीनी एयरफोर्स के कई महत्वपूर्ण इंस्टॉलेशन हैं। यहां J-10C फाइटर जेट के प्रोडक्शन फैसिलिटी भी हैं, जिन्हें पाकिस्तान अपने कॉम्बैट फ्लीट के एलीट हिस्से के लिए खरीदता रहा है। चीनी ऑब्जर्वर ने अनुमान लगाया है कि पाकिस्तैानी कार्गो में J-10C फाइटर जेट के लिए PL-15 लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें या फिर YJ-21 हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलें शामिल हो सकती हैं।
पाकिस्तान को सता रहा भारत का डर!
चीनकी यह मिसाइलें और J-10C फ्लीट कथित तौर पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ पाकिस्तानी सेना का हिस्सा थे। अब इनकी एक और खेप पाकिस्तान में इस विमान के जरिए पहुंचने की बात कसामने आ रही है। यह सीधेतौर पर असीम मुनीर के भारत के हमले के डर से तैयारी तेज करने का संकेत देता है। चीन से J-35 पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट खरीदने पर भी पाकिस्तान विचार कर रहा है।













