क्यों WhatsApp-Signal को लेकर चेताने लगे मस्क?
एलन मस्क ने WhatsApp और Signal की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए एक यूजर के पोस्ट पर कमेंट करते हुए, इन दोनों प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। उनका कमेंट उस पोस्ट के जवाब में आया जिसमें हाल ही में मेटा पर हुए मुकदमे के बारे में बताया गया था। मस्क ने उस पोस्ट पर कमेंट करते हुए सीधे तौर पर WhatsApp और Signal पर निशाना साधा है।
क्यों हुआ Meta पर मुकदमा?
Meta पर अमेरिका की जिला अदालत में दायर हुए एक मुकदमे ने WhatsApp के सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील सहित कई देशों के यूजर्स ने मिलकर यह मुकदमा किया है। इस मुकदमे में दावा किया गया है कि WhatsApp पर यूजर्स के मैसेज सुरक्षित नहीं है। इसके अलावा इस दावे को भी झूठ बताया गया, जिसमें कहा जाता था कि WhatsApp पर आपके मैसेज सिर्फ वही यूजर पढ़़ सकता है जिसे मैसेज किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार मुकदमे में कहा गया है कि मेटा असल में यूजर्स के निजी चैट्स को स्टोर करता है, उनका विश्लेषण करता है और उन्हें एक्सेस भी कर सकता है। कुछ व्हिसलब्लोअर्स के हवाले से कंपनी पर आरोप लगे हैं कि Meta के करोड़ों यूजर्स को प्राइवेसी के नाम पर धोखा दिया है। हालांकि, मेटा ने इन आरोपों को “बेतुका और झूठा” बताया है।
क्या आपके X Chat पर शिफ्ट हो जाना चाहिए?
यह पूरा विवाद पॉपुलर मैसेजिंग ऐप के एनक्रिप्शन फीचर के इर्द-गिर्द घूम रहा है। अगर इस मुकदमे में मेटा की हार होती है, तो यह अभी तक का सबसे बड़ा टेक स्कैंडल साबित हो सकता है। हालांकि फिलहाल Meta का दावा है कि वह पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि पूरी तरह से सुरक्षित है। जहां तक बात X Chat की है, तो मस्क ने भले WhatsApp और सिग्नल पर आरोप लगाए हों लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया है कि X Chat यूजर के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए क्या कर रहा है। ऐसे में कोई भी फैसला लेने से पहले इस मुकदमें के नतीजे का इंतजार करना चाहिए।














