• Entertainment
  • ‘UGC का काला कानून वापस ले लीजिए’, मनोज मुंतशिर ने हाथ जोड़कर PM मोदी से की गुजारिश

    गीतकार, कवि, डायलॉग राइटर और स्क्रीन राइटर मनोज मुंतशिर हर चर्तित मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी से रखते हैं। उन्होंने UGC के फैसले को लेकर हो रहे विवाद पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ जोड़कर विनती की है कि वह इस बिल को वापस ले लें। उन्होंने 39 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया हैंडल


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 28, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    गीतकार, कवि, डायलॉग राइटर और स्क्रीन राइटर मनोज मुंतशिर हर चर्तित मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी से रखते हैं। उन्होंने UGC के फैसले को लेकर हो रहे विवाद पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ जोड़कर विनती की है कि वह इस बिल को वापस ले लें। उन्होंने 39 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है और कहा है कि अब जातियों की विदाई होनी चाहिए।

    मनोज मुंतशिर ने 28 जनवरी की सुबह 8:11 बजे एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर किया। इसके कैप्शन में लिखा, ‘आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी से विनम्र निवेदन।’ क्लिप में वह कह रहे हैं, अगर किसी बाग में एक पौधा छोटा रह गया तो इसका मतलब ये तो नहीं कि प्रोटेक्शन और इक्वैलिटी के नाम पर बाकी पौधों को ऊपर से काट दिया जाए। अतीत का पन्ना बंद हो चुका है। 21वीं सदी के जिस दौर में हम जी रहे हैं, ये जातियों के विदाई का समय है।’

    UGC विवाद पर बोले मनोज मुंतशिर

    मनोज ने आगे कहा, ‘मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी से 140 करोड़ देशवासियों की तरफ से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि हम सब के लिए आप पिता समान हैं। एक बच्चे को खुश करने के लिए दूसरे को बेवजह थप्पड़ मत मारिए। आपकी ममता और स्नेह पर हम सबका बराबर अधिकार है। UGC का काला कानून, वापस ले लीजिए। हमारी एकता को कमजोर होने से बचा लीजिए। अगर इस देश में जातियां जीत गईं, तो भारत हार जाएगा।’

    UGC विवाद क्या है?

    बता दें कि UGC यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने एक नियम जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सरकारी और प्राइवेट दोनों ही यूनिवर्सिटी में अब पिछड़े वर्ग के लोगो के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसका नाम इक्विटी सेल होगा। इसमें वो छात्र जाकर शिकायत कर सकता है, जिसके साथ धर्म, जाति, नस्ल, लिंग, जन्म स्थान, दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव होगा। अब जनरल कोटा वालों को इससे बाहर रखा गया है, और वह इसी बात का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि उनका कहना है कि उनके खिलाफ झूठे आरोप भी लगाए जा सकते हैं।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।