कक्षा 8 की छात्रा ने दायर की याचिका
लाहौर के हाई कोर्ट में कक्षा 8 की छात्रा आलिया सलीम ने अपने वकील शीजा के जरिए याचिका दायर की है। इसमें फेडरल सरकार, पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी (PTA) और दूसरी संबंधित एजेंसियों को रेस्पोंडेंट बनाया गया है। याचिका के मुताबिक, सोशल मीडिया का इस्तेमाल बच्चों के मानसिक, नैतिक और पढ़ाई-लिखाई के विकास को नुकसान पहुंचा रहा है। याचिका में कहा गया है कि इन प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल बच्चों में मानसिक समस्याएं पैदा कर रहा है। इससे उनके व्यक्तित्व और भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि बच्चों को बिना किसी रोक-टोक के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से वे कम उम्र में ही खराब कंटेंट और गलत ऑनलाइन व्यवहार के कॉन्टैक्ट में आ जाते हैं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि सरकार का यह कर्तव्य है कि वह बच्चों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करे। इसलिए, कोर्ट से गुजारिश की गई है कि वह बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने को इस का हिस्सा माने।
आंध्र प्रदेश में भी इस योजना पर किया था विचार
अब पाकिस्तान सरकार इस याचिका पर अपना क्या फैसला देती है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने के बाद से कई देश इस तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसा करने वाला ऑस्ट्रेलिया पहला देश बन गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ समय पहले आईं रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के दक्षिण राज्य आंध्र प्रदेश में 16 साल से कम उम्र बच्चों के सोशल मीडिया चलाने पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई जा रही थी। राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने इस मामले पर कहा था कि सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले कंटेंट को बच्चे पूरी तरह से समझ नहीं पाते और इसलिए एक मजबूत कानूनी ढांचा बनाए जाने की जरूरत है। हालांकि, अभी इस संबंध कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।













