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  • ‘अभिषेक की बल्लेबाजी मुझे मेरी याद दिलाती है’ युवराज सिंह ने अपने रिटायरमेंट पर कहा- मुझे सम्मान नहीं मिल रहा था

    नई दिल्ली: युवराज सिंह ने अपने टीम इंडिया से रिटायरमेंट से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मुझे खेलने में मजा नहीं आ रहा था। खेल में मुझे पहले जैसा सम्मान नहीं मिल रहा था। मुझे लगता था कि मैंने जो किया, जब मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता हूं तो


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    By Azad Hind Desk जनवरी 28, 2026
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    नई दिल्ली: युवराज सिंह ने अपने टीम इंडिया से रिटायरमेंट से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मुझे खेलने में मजा नहीं आ रहा था। खेल में मुझे पहले जैसा सम्मान नहीं मिल रहा था। मुझे लगता था कि मैंने जो किया, जब मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता हूं तो मैंने खेल को छोड़ने का फैसला कर लिया। युवराज सिंह ने पूर्व दिग्गज टेनिस प्लेयर सानिया मिर्जा के साथ उनके यूट्यूब शो ‘सर्विंग इट अप विद सानिया’ में बातचीत के दौरान ये सब कहा है। इस दौरान युवराज ने अभिषेक शर्मा को लेकर भी बात की है। टीम इंडिया के इस विस्फोटक बल्लेबाज का मेंटॉर युवराज सिंह को माना जाता है। युवराज का कहना है कि अभिषेक की बल्लेबाजी देखकर मुझे अपना समय याद आता है, क्योंकि मेरा बैटिंग स्टाइल भी ऐसा ही था।

    ‘चार साल 3 महीने में तैयार हुआ अभिषेक’

    युवराज सिंह ने सानिया को बताया है कि अभिषेक की विस्फोटक बल्लेबाजी एक-दो महीने नहीं बल्कि पूरे 4 साल और 3 महीने की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा,’अभिषेक का टेलेंट ऐसा था, जिसे बड़े लेवल पर ले जा सकते थे। मैंने जब शुभमन के साथ काम किया तो वो पहले से भारत के लिए खेल रहा था और ज्यादा मेहनती था। अभिषेक के लिए मैंने 4 साल का प्लान तैयार किया। मैंने उसे बताया कि मैं तुम्हे IPL में खेलने के लिए मोटिवेट करने नहीं आया हूं। आईपीएल और रणजी ट्रॉफी बहुत अच्छी है, लेकिन तुम इंडिया के लिए खेल सकते हो। मैं इसीलिए यहां आया हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि तुम देश के लिए खेल सकते हो। इसके बाद अभिषेक ने 4 साल तक वही किया, जो मैंने उसे कहा। ठीक 4 साल और तीन महीने में वह टीम इंडिया का हिस्सा था।’

    ‘धोनी ने मुझे कहा था कि तुम फ्यूचर प्लानिंग में नहीं हो’

    युवराज ने इसके बाद अपने भारतीय टीम से रिटायरमेंट पर भी बात की है। युवराज सिंह ने उस पल के बारे में भी बात की, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी ने स्पष्ट रूप से उन्हें बताया था कि तुम फ्यूचर प्लानिंग का हिस्सा नहीं हो। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे मुकाम पर था, जहां मुझे खुद अपना करियर बोझ लग रहा था। मुझे खेलने में आनंद नहीं आ रहा था। मैं सोचता था कि जब मुझे क्रिकेट खेलने पर सम्मान नहीं मिल रहा, मजा नहीं आ रहा, मेरे पास कुछ देने के लिए बचा ही नहीं तो मैं क्यों इसे खेलता रहूं?’ उन्होंने कहा,’मैं क्या साबित करने के लिए खेलता रहता? मैंने खेल को अपना बेस्ट दिया था और मैं इससे ज्यादा कुछ भी मानसिक और शारीरिक रूप से नहीं कर सकता था। इससे मुझे तकलीफ हो रही थी। इस कारण मैंने इसे छोड़ने का फैसला लिया और इसके साथ ही मैं फिर से पहले जैसा सामान्य हो गया।’

    कैंसर के इलाज के बाद आया युवी का डाउनफॉल

    युवराज सिंह ने अपने करियर में जबरदस्त पारियां खेलीं थीं। टीम इंडिया की 2011 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीत में उनका अहम योगदान माना जात है। इसके ठीक बाद उन्हें कैंसर होने की जानकारी सामने आई। कैंसर के इलाज के बाद वे टीम में वापस तो लौटे, लेकिन कभी पहले जैसा प्रदर्शन नहीं कर सके। खासतौर पर 2014 से 2017 के बीच उनका बेहद खराब दौर रहा, जब वे टी20 में केवल एक फिफ्टी और वनडे में एक फिफ्टी और एक शतक ही लगा पाए। हालांकि साल 2017 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 150 रन की अपनी करियर बेस्ट वनडे इनिंग खेली, लेकिन यह फॉर्म स्थायी नहीं रही। इसके चलते उन्होंने 2019 वर्ल्ड कप के दौरान रिटायरमेंट की घोषणा कर दी।

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