संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के वक्त जिस तरह विपक्ष और कांग्रेस के लोगों ने हंगामा किया, देश उन्हें माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘बंकिम चंद्र चटर्जी को जब श्रद्धांजलि दी जा रही थी, जब गुरू तेग बहादुर के बलिदान का जिक्र हो रहा था तब विपक्ष के लोग हंगामा कर रहे थे।’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए सांसदों से सदन चलाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है, जिसके चलते पिछले एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है और सामाजिक सुरक्षा का लाभ 25 करोड़ से बढ़कर 95 करोड़ लोगों तक पहुंचा है।
किस बात पर हुआ हंगामा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी…’ जैसे ही NDA-BJP सांसदों ने तारीफ में मेजें थपथपाईं, विपक्षी सांसद खड़े हो गए और कानून वापस लेने की मांग करते हुए विरोध जताया।
राष्ट्रपति ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पिछले 10-11 वर्षों में हर क्षेत्र में मजबूत हुई नींव का उल्लेख किया और सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने के अभियान को तेज करने की बात कही। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और देश के विकास में हर पाई के खर्च होने का दावा किया। साथ ही, उन्होंने एआई के दुरुपयोग, डीप फेक और फर्जी सामग्री को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए मिलकर विचार करने का आग्रह किया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर राष्ट्रपति ने क्या कहा?
राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और माओवादी उग्रवाद पर निर्णायक कार्रवाई का भी जिक्र किया, जिससे माओवादी आतंक की चुनौती काफी कम हो गई है। उन्होंने खुशहाल किसान को विकसित भारत की पहली प्राथमिकता बताते हुए पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उल्लेख किया और ‘विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम’ की सराहना की, जिससे गांवों के विकास को नई गति मिलने और भ्रष्टाचार पर रोक लगने की उम्मीद है।














