पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर मचे घमासान पर अब कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने उनका बचाव किया, साथ ही बीजेपी पर निशाना साथा है। शुक्रवार देर शाम उन्होंने कहा, हामिद अंसारी कभी भी कांग्रेस के सदस्य नहीं थे, वे सिर्फ उपराष्ट्रपति थे। यदि उनका कांग्रेस से संबंध है, तो इसका मतलब है कि मौजूदा उपराष्ट्रपति भाजपा के सदस्य हैं।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान का जिक्र
राशिद अल्वी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा, कि ‘हामिद अंसारी ने वही सब कुछ कहा है जो RSS प्रमुख मोहन भगवत कहते हैं। मोहन भागवत अब भी अखंड भारत चाहते हैं, जिसमें अफगानिस्तान भारत का हिस्सा था।’
पूर्व उपराष्ट्रपति के बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, हामिद अंसारी ने इतिहास का एक पन्ना पढ़ा है। वे लोग जो आए थे, वे भारत का हिस्सा थे। अगर वे गलत हैं, तो आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत भी गलत हैं। आरएसएस और भाजपा को जवाब देना चाहिए कि वे मोहन भगवत का समर्थन करते हैं या नहीं। राशिद अल्वी ने कहा, अगर मोहन भागवत अखंड भारत को जोड़ना चाहते हैं तो हम उनके साथ खड़े हैं। आप अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश को जोड़िए।
बीजेपी ने क्या कहा?
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों और लुटेरों के प्रति अंसारी का स्नेह उनकी ‘बीमार मानसिकता’ को दर्शाता है। राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘शरजील इमाम और उमर खालिद को ‘युवा’ कहने के बाद अब कांग्रेस के समर्थक और हामिद अंसारी सोमनाथ मंदिर को अपवित्र और नष्ट करने वाले गजनी की प्रशंसा कर रहे हैं। कांग्रेस के समर्थक महमूद गजनी की प्रशंसा करते हैं – वे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का विरोध करते हैं। वे औरंगजेब और हिंदुओं पर अत्याचार करने वालों के अपराधों को छिपाते हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘वे भारत और हिंदुओं से नफरत करते हैं।’
अंसारी की टिप्पणियों को लेकर बीजेपी के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए पार्टी को ‘आधुनिक भारत की मुस्लिम लीग’ करार दिया।
क्या था हामिद अंसारी का बयान?
एक इंटरव्यू के दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि, महमूद गजनी समेत इतिहास की किताबों में जिन्हें विदेशी आक्रमणकारी और लुटेरा बताया गया है, वे वास्तव में ‘भारतीय लुटेरे’ थे। उन्होंने कहा, ‘मैंने हमेशा कहा है कि इतिहास की किताबों में जिन्हें हम विदेशी आक्रमणकारी बताते हैं, उनमें एक लोदी है, कोई एक गजनी है और कुछ अन्य। वे सभी भारतीय लुटेरे थे।’ पूर्व उपराष्ट्रपति को एक पत्रकार को दिए साक्षात्कार में यह कहते हुए सुना गया कि, ‘‘वे बाहर से नहीं आए थे। राजनीतिक रूप से यह कहना सुविधाजनक है कि उन्होंने इसे और उसे नष्ट कर दिया। लेकिन वे सभी भारतीय थे।’’













