क्या है IAIRO और यह क्यों है खास?
IAIRO को AI के क्षेत्र में भारत को लीड करने के लिए बनाया गया है। इसके संस्थापक निदेशक डॉ. अमित शेठ के अनुसार, यह संगठन रिसर्च को ऐसे सिस्टम में बदलेगा जिसे कि देश में लागू किया जा सके। इसकी खास बात है कि IAIRO चैटजीपीटी जैसे बड़े और कॉमन एआई मॉडल पर ध्यान लगाने की जगह डोमेन आधारित और छोटे एआई मॉडल पर फोक्स करेगा। इसका फायदा है कि इन मॉडल्स पर खर्चा कम होगा और यह सरकारी कामकाज, इंटरप्राइज और रणनीतिक क्षेत्रों में मन चाहे परिणाम देंगे।
ISRO जैसा मिले मुकाम
सरकार चाहती है कि IAIRO, AI के क्षेत्र का ISRO बने। कहने का मतलब है कि IAIRO को भी AI की दुनिया में वही स्थान मिले, जो कि ISRO को स्पेस के क्षेत्र में मिलता है। इस मिशन को सफल बनाने के लिए दुनिया भर के सबसे तेज दिमाग साथ आए हैं। इसकी टीम और सलाहकार बोर्ड में Google, OpenAI, Apple, Amazon और IBM जैसे वैश्विक दिग्गजों के पूर्व तकनीकी लीडर्स शामिल हैं। साथ ही, इसमें पद्म भूषण डॉ. अजय चौधरी और आईआईटी गांधीनगर के निदेशक जैसे भारतीय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। यह संगठन सिर्फ रिसर्च करने का काम ही नहीं करेगा, बल्कि AI को देशभर में लागू करने समते वर्ल्ड क्लास एआई टैलेंट को देश में ही बनाए रखने और संवारने का काम भी करेगा।
AI में आत्म निर्भरता
IAIRO का काम इस बात का ध्यान रखना होगा कि भारत का डेटा और एआई का भविष्य भारतीय संस्थानों के नियंत्रण में रहे। डॉ. अमित शेठ की मानें, तो एआई अब सिर्फ टेक्नोलॉजी की बात नहीं रही है बल्कि यह अब राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मुकाबले का मुद्दा भी बन गया है। इस मिशन की वजह से भारत AI की दौड़ में सिर्फ एक हिस्सेदार बनकर नहीं रहेगा बल्कि अपनी किस्तम खुद लिखने वाले एक लीडर के तौर पर खुद को स्थापित कर सकेगा।













