• National
  • भारत और मिडिल ईस्ट के लिए आतंकवाद कॉमन खतरा, जयशंकर ने पाकिस्तान को भी चेताया

    नई दिल्लीः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को भारत-अरब लीग की विदेश मंत्री स्तरीय दूसरी बैठक से आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा है कि मध्य पूर्व और भारत के बीच आतंकवाद समान रूप से खतरा है। सीमा पार आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आतंकवाद का निशाना बने


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 31, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्लीः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को भारत-अरब लीग की विदेश मंत्री स्तरीय दूसरी बैठक से आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा है कि मध्य पूर्व और भारत के बीच आतंकवाद समान रूप से खतरा है। सीमा पार आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आतंकवाद का निशाना बने समाज को अपने बचाव का पूरा अधिकार है। जयशंकर ने हालांकि पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है। ऐसे में भारतीय विदेश मंत्री के इस बयान को पाकिस्तान को चेतावनी और मिडिल ईस्ट के देशों से इस खतरे के खिलाफ एकजुट होने के आह्वान के रूप में देख जा रहा है।

    भारत और मध्य पूर्व के लिए आतंकवाद खतराः जयशंकर

    बहरहाल, भारत और मिडिल ईस्ट के देशों के लिए आतंकवाद को समान रूप से खतरा बताते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “इन कई चुनौतियों को देखते हुए, हमारे साझा हित स्थिरता, शांति और समृद्धि की ताकतों को मजबूत करने की मांग करते हैं। हमारे दोनों क्षेत्रों में एक समान खतरा आतंकवाद है, जो अपने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में मौजूद है। सीमा पार आतंकवाद खासकर अस्वीकार्य है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।”

    सीमा पार आतंकवाद खासकर अस्वीकार्य है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।
    डॉ. एस जयशंकर, विदेश मंत्री

    अरब देशों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान

    अरब लीग के देशों से आतंकवाद के खिलाफ आह्वान करते हुए जयशंकर ने कहा, “आतंकवाद से निशाना बनाए गए समाजों को अपना बचाव करने का अधिकार है और वे स्वाभाविक रूप से इसका इस्तेमाल करेंगे। यह जरूरी है कि हम इस वैश्विक बुराई से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करें। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस एक बिना समझौता वाला सार्वभौमिक कानून होना चाहिए।”

    अरब देशों के साथ बैठक का मकसद क्या है?

    • अरब देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की भारत की मेजबानी का मकसद मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग में गहरा करना है।
    • भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने बातचीत की सह-अध्यक्षता की, जिसमें अरब लीग के सभी 22 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा ले रहे हैं।
    • यह नई दिल्ली में इस तरह की पहली बैठक है, जो 2016 में बहरीन में हुए पहले फोरम के बाद एक दशक के अंतराल के बाद हुई।
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।