मीडिया के लिए जारी बयान में BLA के प्रवक्ता जीयांद बलोच ने कहा, ‘शनिवार को हमारे लड़ाकों ने बलूचिस्तान के 14 शहरों में 48 जगहों पर एक साथ हमले किए। बीएलए ने दस घंटे से ज्यादा समय तक इन शहरों को अपने नियंत्रण में रखा। इस दौरान पाकिस्तानी सेना, पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसियों और CTD के 84 जवान मारे गए, जबकि 18 को जिंदा पकड़ लिया गया है। ये सभी जवान फिलहाल BLA की हिरासत में हैं।’
पाकिस्तानी सेना के कैंपों पर कब्जा
बीएलए के बयान में कहा गया है कि लड़ाकों ने पाकिस्तान सेना की चौकियों और सेंट्रल मिलिट्री हेडक्वार्ट पर कब्जा कर लिया और पाक फौज की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है। मजीद ब्रिगेड के लड़ाकों की ओर से पाकिस्तानी मिलिट्री ठिकानों के अंदर फिदायीन हमले करते हुए तबाही मचाने की बात कही गई है।
बीएलए ने दावा किया है कि 30 से ज्यादा सरकारी इमारतों को शनिवार को निशाना बनाया गया। इनको बम से उड़ाया या फिर जला दिया गया। इनमें सुरक्षाबलों के ठिकानों के अलावा बैंक और प्रशासनिक कार्यालय शामिल हैं। बीएलए ने कहा है कि खासतौर से कोस्टल हाईवे पर हमलों ने पाकिस्तान सरकार को पंगु बना दिया है।
कई शहरों में हमले जारी
द बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, शनिवार शाम को बलूचिस्तान के कई जिलों में जबरदस्त झड़पें, धमाके और हथियारबंद हमले जारी थे। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ऑपरेशन हेरोफ का दूसरा चरण शुरू किया है। बीएलए ने बलूच मातृभूमि की रक्षा करने के लिए इस ऑपरेशन को चलाने की बात कही है।
बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के अलावा नुश्की, कलात, दलबांदिन, खारान, ग्वादर, पसनी, मस्तंग, ओरनाच, टंप, बुलेदा, मंद और अन्य इलाकों में गोलीबारी, बम धमाकों, सड़क जाम और सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबरें हैं। पाकिस्तान के लिए बेहद अहम ग्वादर पोर्ट के पास से भी धमाकों और गोलीबारी की खबर है।
बीएलए का कमांडर-इन-चीफ बशीर जेब बलूच खुद इस ऑपरेशन की अगुवाई कर रहा है। जेब ने बलूचों से अपील की है कि वे पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हथियार उठाएं। जेब ने वीडियो संदेश में कहा है कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि बलूचिस्तान की आजादी का है। बलूच लोग घरों से बाहर निकलें और ऑपरेशन हेरोफ का हिस्सा बनें।













