पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने बलूचिस्तान के 12 शहरों में हुए हमले को लेकर भारत पर आरोप मढ़ दिए हैं। पाकिस्तान, जो दशकों से इस्लाम के नाम पर आतंक की सैकड़ों फैक्ट्रियां चलाता रहा है, जिसने दर्जनों आतंकवादी संगठनों को उनके पैरों पर खड़ा किया, जिहाद के नाम पर कश्मीर में आतंक फैलाने भेजा, उसने बलूचिस्तान में हुए हमले को लेकर भारत पर आरोप लगाया है। मोहसिन नकवी, एक फरवरी को हमले के बाद बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा गया थे, इस दौरान उन्होंने ये आरोप मढ़े हैं।
बलूचिस्तान आतंकी हमला, पाकिस्तान का भारत पर आरोप
क्वेटा में बोलते हुए मोहसिन नकवी ने सीधे तौर पर भारत पर इन कोऑर्डिनेटेड हमलों की फंडिंग और प्लानिंग का आरोप लगा दिया। उन्होंने हमलावरों को “फितना अल हिंदुस्तान” बताया। पाकिस्तान ने ऐसा पिछले साल भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद करना शुरू किया है। पाकिस्तान में अब जितने भी आतंकी हमले होते हैं, उसने उसे भारत से जोड़ना शुरू कर दिया है। ये पाकिस्तान की नई नीति है। जबकि बलूच लिबरेशन आर्मी बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं और तहरीक-ए-तालिबान, पाकिस्तान में शरिया कानून लागू करना चाहता है, जबकि पाकिस्तानी सेना, उसे इस्लामिक कानून लागू करने से रोक रही है।
मोहसिन नकवी ने आतंकवाद विरोधी अभियानों की समीक्षा के लिए क्वेटा में कोर मुख्यालय में बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती और सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की है। उन्होंने हमलों में शामिल 92 आतंकवादियों को मारने का दावा किया है। जबकि उन्होंने माना है कि बलूच विद्रोहियों के हमले में पाकिस्तानी सेना के 15 जवान और कम से कम 18 नागरिक मारे गये हैं। नकवी ने बलूचिस्तान की कानून व्यवस्था की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए खैबर पख्तूनख्वा से बुलेटप्रूफ गाड़ियों को उस इलाके में डायवर्ट किया है। आपको बता दें कि 31 दिसंबर को बलूचिस्तान के 12 शहरों में बलूच विद्रोहियों ने हमला किया था और इसे ‘ऑपरेशन हेरॉफ फेज-2’ नाम दिया है।













