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  • Semi-Conductor Mission 2.0: मोदी सरकार का बड़ा एलान, चीन-वियतनाम को पछाड़कर ‘ग्लोबल चिप हब’ बनेगा भारत, जानें बड़ी बातें

    भारत सरकार ने बजट 2026 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान किया है। इस मिशन के लिए बजट में 40,000 करोड़ की भारी-भरकम राशि का बंदोबस्त किया गया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले भारत को एक चिप बनाने वाले हब के तौर पर स्थापित करेगा। इस मिशन


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    By Azad Hind Desk फरवरी 1, 2026
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    भारत सरकार ने बजट 2026 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान किया है। इस मिशन के लिए बजट में 40,000 करोड़ की भारी-भरकम राशि का बंदोबस्त किया गया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले भारत को एक चिप बनाने वाले हब के तौर पर स्थापित करेगा। इस मिशन की खास बात है कि सरकार सिर्फ देश में चिप नहीं बनाना चाहती बल्कि सरकार का ध्यान युवाओं को इस काबिल बनाने पर है कि वह देश में खुद चिप डिजाइन कर सकें। चलिए डिटेल में समझते हैं कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 में और क्या कुछ है और टेक जगत को यह बजट किस तरह से प्रभावित करता है।

    भारत बनेगा चिप बनाने का हब

    इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की सफलता के बाद अब 2.0 का टार्गेट और भी बड़ा कर दिया गया है। इसके लिए 40,000 करोड़ की राशि का इस्तेमाल देश में सेमीकंडक्टर बनाने वाली मशीनों, कच्चे माल और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इस मिशन की वजह से संभव है कि आने वाले समय में भारत में बने स्मार्टफोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस न सिर्फ सस्ते होंगे बल्कि दूसरे देशों में एक्सपोर्ट भी किए जाएंगे। यह मिशन UPI और डिजिलॉकर की तरह हर भारतीय के लिए तकनीक को आसान और सुलभ बनाएगा।

    यूनिवर्सिटीज में बनेंगी चिप, AI की होगी पढ़ाई

    रिपोर्ट्स के मुताबिक,(REF.) मौजूदा 315 यूनिवर्सिटीज के छात्र पहले ही चिप डिजाइन कर रहे हैं। अब इस मॉडल को AI पर लागू करने की भी तैयारी है। देशभर की 500 यूनिवर्सिटीज में AI के खास कोर्स शुरू किए जाएंगे। इससे भारत की कोशिश टैलेंट पूल तैयार करने की है। रिपोर्ट्स की मानें, तो सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘कॉमन कंप्यूट स्टैक’ तैयार करना है, ताकि तकनीक पर मुट्ठी भर कंपनियों का कब्जा न रहे और यह सबके लिए समान हो।

    बैटरी और माइक्रोवेव ओवन होंगे सस्ते

    रिपोर्ट्स के अनुसार, बजट 2026 के बाद मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी सस्ती हो जाएंगी। इससे आने वाले समय में मोबाइल फोन के दाम घटने की उम्मीद है। ऐसे में रैम के बढ़ते दामों की वजह से महंगे होने वाले स्मार्टफोन्स की कीमत यूजर्स को कुछ राहत जरूर दे सकती है। गौर करने वाली बात यह भी है कि इस साल बड़ी बैटरी वाले ज्यादा स्मार्टफोन हमें देखने को मिलेंदे। इसके साथ ही माइक्रोवेव ओवन भी सस्ते होने वाले सामानों की सूची में शामिल है।

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