रक्षा बजट में कौन है नंबर वन
ग्लोबल फायर पॉवर की 2026 की रैंकिंग के अनुसार, सालाना रक्षा बजट के मामले में अमेरिका सबसे आगे है। पूरी दुनिया में टॉप-5 की लिस्ट में अमेरिका सबसे ज्यादा 52.5 फीसदी रक्षा बजट पर खर्च करता है। अमेरिका करीब 831 अरब डॉलर खर्च करता है।
चीन है नंबर दो, अमेरिका से बहुत पीछे
ग्लोबल फायर पॉवर की रैंकिंग में वैसे तो रक्षा बजट पर खर्च के मामले में पूरी दुनिया में चीन नंबर दो पर है। इसकी दुनिया के कुल टॉप-5 सालाना रक्षा बजट में हिस्सेदारी 19.1 फीसदी है। वह अमेरिका से करीब-करीब 3 गुना पीछे है। चीन कुल 300 अरब डॉलर खर्च करता है। डिफेंस एक्सपर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) जेएस सोढ़ी के अनुसार, चीन भविष्य में ताइवान या भारत से युद्ध करने के लिए भारी मात्रा में साजोसामान जुटा रहा है और हथियारों पर जमकर पैसे खर्च कर रहा है।
रूस-जर्मनी तीसरे और चौथे पायदान पर
ग्लोबल फायर पॉवर की लिस्ट में रूस तीसरे तो जर्मनी चौथे पायदान पर काबिज हैं। रूस जहां 13.4 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ 212 अरब डॉलर खर्च करता है तो वहीं जर्मनी 8 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ 127 अरब डॉलर खर्च करता है।
पांचवें नंबर है भारत इस लेटेस्ट लिस्ट में
ग्लोबल फायर पॉवर की लेटेस्ट लिस्ट में भारत 6.9 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ पांचवें पायदान पर है। उसका सालाना रक्षा बजट का खर्च 109 अरब डॉलर है। डिफेंस एक्सपर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) जेएस सोढ़ी बताते हैं कि ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख के अनुसार, चीन 2027 में ताइवान के खिलाफ युद्ध छेड़ सकता है। वह पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ 2035 तक टू फ्रंट वॉर छेड़ने की तैयारी में है। ऐसे में भारत के लिए ये बड़ी टेंशन की बात है।
भारत के बाद रैंकिंग में ब्रिटेन और फ्रांस
इस रैंकिंग में भारत के बाद 6ठें नंबर पर ब्रिटेन और सातवें पर फ्रांस हैं। इनका सालाना रक्षा बजट 88 अरब डॉलर और 67 अरब डॉलर है।
टॉप 20 में भी नहीं है पाकिस्तान
हर वक्त भारत के खिलाफ साजिश करने और गीदड़ भभकी देने वाला पाकिस्तान का नाम ग्लोबल फायर पॉवर की इस लिस्ट में टॉप 20 में भी नहीं है। पाकिस्तान के दोस्त सऊदी अरब का नंबर 8 है तो भारत के खिलाफ या कश्मीर पर जहर उगलने वाले तुर्की का इस लिस्ट में नंबर 12 है। वहीं, 18वें नंबर पर इजरायल तो 20वें पायदान पर अफ्रीकी देश अंगोला है।
रक्षा बजट की रैंकिंग: किन आधारों पर तय होती है
ग्लोबल फायरपॉवर देशों की सलाना रक्षा बजट के खर्चों के आधार पर ये लिस्ट बनाता है। ये फंड संबंधित देशों की सरकारों द्वारा आवंटित किए जाते हैं। इसमें देशों की फौज के लिए खरीद, मरम्मत, सपोर्ट और पेंशन पर खर्चों को भी जोड़ा जाता है।














